Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राज्यसभा सांसद और पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल की पहल से ओमान में फंसी चार भारतीय युवतियां सुरक्षित स्वदेश लौट आई हैं। इनमें तीन लड़कियां पंजाब और एक केरल की रहने वाली हैं। विदेश में बेहतर नौकरी और सुनहरे भविष्य के सपने दिखाकर इन्हें मानव तस्करी के जाल में फंसाया गया था।
शनिवार को सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंची एक पीड़िता ने अपनी दर्दनाक आपबीती साझा की। उसने बताया कि ओमान में एक संगठित मानव तस्करी गिरोह सक्रिय है, जो लगातार भारतीय लड़कियों को निशाना बना रहा है। पीड़िता के अनुसार, “अगर एक लड़की वहां से किसी तरह निकल जाती है, तो उसकी जगह कई और लड़कियों को फंसा दिया जाता है।”
पीड़िता ने दावा किया कि अभी भी करीब 100 भारतीय लड़कियां ओमान में इसी तरह फंसी हुई हैं। इन युवतियों को एजेंटों के जरिए विदेश भेजा जाता है, जहां पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं और जबरन लंबे अनुबंधों पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं। कड़ी मेहनत के बावजूद वेतन नहीं दिया जाता और विरोध करने पर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ता है।
संत सीचेवाल ने बताया कि दिसंबर में उन्होंने विदेश मंत्रालय को करीब 70 पीड़ित लड़कियों की सूची सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की थी। विदेश मंत्रालय और ओमान स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से यह रेस्क्यू अभियान संभव हो सका। एक पीड़िता 2 फरवरी को भारत लौटी, जबकि अन्य तीन भी सुरक्षित वापस आ चुकी हैं।
पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर सख्ती बढ़ने के बाद तस्कर गिरोह अब मुंबई के रास्ते लड़कियों को विदेश भेज रहे हैं। संत सीचेवाल ने केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और अभिभावकों से अपील की कि किसी भी एजेंट पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।




