ईरान के टॉप परमाणु वैज्ञानिक की दिनदहाडे़ हत्या, इजरायल से युद्ध के मंडराए बादल

हमलवारों ने मोहसिन की कार पर गोलियों की बौछार कर दी जिससे उनकी मौत हो गई है। शीर्ष ईरानी वैज्ञानिक की हत्‍या से पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।

नयी दिल्ली। ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को टॉप परमाणु वैज्ञानिक फखरीजादेह मोहसिन की दिनदहाड़े हत्‍या कर दी गई। ईरान ने इस हत्‍या के लिए इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को जिम्‍मेदार ठहराया है।  वहीं, इजराइल ने घटना पर तत्काल कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। दरअसल एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस नाम को याद रखने की बात कही थी। हमलवारों ने मोहसिन की कार पर गोलियों की बौछार कर दी जिससे उनकी मौत हो गई है। शीर्ष ईरानी वैज्ञानिक की हत्‍या से पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।

Mohsen Fakhrizadeh

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने इसे आतंकी कार्रवाई बताते हुए इजरायल पर तीखा हमला बोला है। ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने शुक्रवार को ट्विटर पर कहा, ‘आतंकवादियों ने एक विख्यात ईरानी वैज्ञानिक की आज हत्या कर दी। यह कायरना कृत्य साजिशकर्ताओं की हताशा को दर्शाता है, जिसमें इजराइल की भूमिका के गंभीर संकेत हैं।’ ईरानी आरोप के बीच इजरायल ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

फखरीजादेह के ऊपर यह हमला अब्‍सार्ड शहर में हुआ। यह इलाका तेहरान से करीब 50 मील दूर है। ईरानी समाचार एजेंसी फार न्‍यूज की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्‍यक्षदर्शियों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनी और उसके बाद जमकर गोलियां चलीं। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि फखरीजादेह की कार गोलियों से छलनी हो गई है।

घटनास्‍थल पर हर तरफ खून बिखरा हुआ था। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने जबरन उनकी कार को रोका और उसके बाद ताबड़तोड़ हमले करके ईरानी वैज्ञानिकों को मौके पर ही ढेर कर दिया। फार न्‍यूज के मुताबिक इस हमले में 3 से 4 लोग मारे गए हैं। अभी तक किस भी गुट ने इस हमले की जिम्‍मेदारी नहीं ली है। ईरानी परमाणु हथियार कार्यक्रम के जनक की हत्‍या व्‍यवहारिक और सांकेतिक दोनों ही ल‍िहाज से बेहद महत्‍वपूर्ण है।

ईरान के परमाणु स्‍थलों पर हमले की योजना बना रहे ट्रंप

शीर्ष ईरानी वैज्ञानिक की यह हत्‍या ऐसे समय पर की गई है जब पिछले दिनों खबरें आई थीं कि अमेरिका का डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन जो बाइडेन के सत्‍ता संभालने से पहले ईरान के परमाणु स्‍थलों पर हमले की योजना बना रहा है। बाइडेन प्रशासन ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुए एक बहुदेशीय समझौते में फिर से शामिल होना चाहता है। इस समझौते से ट्रंप वर्ष 2018 में हट गए थे। यह हत्‍याकांड ऐसे समय पर हुआ है जब कुछ दिन पहले ही इजरायल के पीएम, अमेरिका के विदेश मंत्री और सऊदी अरब के राजकुमार ने एक गोपनीय बैठक की थी।
बताया जाता है कि फखरीजादेह ने ईरान के तथाकथित परमाणु हथियार ‘अमाद’ या ‘होप’ कार्यक्रम का नेतृत्व किया था।

मोहसिन फखरीजादेह वर्ष 1989 से ही अमेरिका और इजरायल की खुफिया एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं। मोहसिन फखरीजादेह के परमाणु बम कार्यक्रम ‘अमाद’ को वर्ष 2003 में रोक दिया गया था। इसके बाद से ही मोहसिन फखरीजादेह कई अन्‍य परमाणु कार्यक्रमों को देख रहे थे जिसका उद्देश्‍य आम नागरिकों के लिए इस्‍तेमाल करना है। इस बीच ईरान के सवोच्‍च नेता अयातुल्‍ला अली खमनेई के सैन्‍य सलाहकार ने कहा है क‍ि हम इस हत्‍याकांड का बदला लेंगे। उन्‍होंने कहा कि ट्रंप के अंतिम दिनों में इजरायल ईरान के साथ युद्ध भड़काने में जुटा हुआ है।

‘ईरानी वैज्ञानिक पर जानलेवा हमले के पीछे इजरायल का हाथ’

उधर, अमेरिका के खुफिया अधिकारियों ने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स से कहा कि ईरानी वैज्ञानिक पर जानलेवा हमले के पीछे इजरायल का हाथ है। उन्‍होंने कहा क‍ि यह अभी स्‍पष्‍ट नहीं है कि अमेरिका को इस हमले के बारे में कितना जानकारी थी। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने बताया कि इस हत्‍याकांड को इजरायल की बदनाम खुफिया एजेंसी मोसाद ने अंजाम दिया है। मोसाद इससे पहले भी वर्ष 2010 और 2012 में चार ईरान परमाणु वैज्ञानिकों की हत्‍या कर चुकी है।

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