केन्द्र सरकार की लापरवाही के कारण ‘टीका उत्सव’ से वंचित रहेगा ये राज्य!

मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के साथ बैठकर समझाइश तथा सख्ती के माध्यम से आमजन से स्वास्थ्य नियमों की पालना करवाने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

जयपुर।। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब एवं गुजरात सहित कई राज्यों में संक्रमण की स्थिति बेकाबू हो रही है। राजस्थान में भी लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बावजूद प्रदेशवासी अपने लापरवाही भरे व्यवहार में बदलाव लाकर मास्क पहनने, उचित दूरी बनाए रखने तथा भीड़ से दूर रहने के हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार सख्त कदम उठाने पर मजबूर होगी। मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि राजस्थान में कई स्थानों पर कोविड टीकाकरण का काम रोकना पड़ सकता है। शनिवार को कई जिलों में वैक्सीन खत्म हो गई है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रविवार को वैक्सीन के 4 लाख डोज उपलब्ध कराने की बात कही है, लेकिन हमारे पास 5 लाख 80 हजार वैक्सीन प्रतिदिन लगाने की क्षमता है, जो देश में सर्वाधिक है। ऐसे में 4 लाख डोज एक दिन में लगाने के लिए भी पर्याप्त नहीं होगी। सभी उपलब्ध वैक्सीन की डोज लगा देने के बाद राजस्थान चाहकर भी 11 से 14 अप्रैल के दौरान केंद्र सरकार के ‘टीका उत्सव‘ में दुर्भाग्य से शामिल नहीं हो सकेगा।

गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार रात संक्रमण और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार तथा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने संक्रमण की तेज गति को नियंत्रित करने के लिए आगामी दिनों में वैवाहिक एवं सामाजिक आयोजनों में उपस्थित व्यक्तियों की संख्या 50 करने, रात्रिकालीन कफ्र्यू की अवधि शाम 6 बजे से 6 बजे तक बढ़ाने, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में धार्मिक मेलों, उत्सवों, जुलूस आदि पर रोक लगाने, सरकारी कार्यालयों की तर्ज पर निजी कार्यालयों में उपस्थिति 75 प्रतिशत करने, रेस्टोरेंट आदि में केवल ‘टेक-अवे‘ की सुविधा की अनुमति देने, कोचिंग संस्थानों में कक्षाओं पर रोक लगाने, स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए ही प्रवेश देने, बसों एवं अन्य सार्वजनिक वाहनों में यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत करने के सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के साथ बैठकर समझाइश तथा सख्ती के माध्यम से आमजन से स्वास्थ्य नियमों की पालना करवाने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिन में सभी कलेक्टर विभिन्न व्यापारी एवं व्यवसायिक संगठनों धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों एवं अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ बैठकें करें। इसी प्रकार पुलिस अधिकारी भी थाने के स्तर तक कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी) के सदस्यों के साथ आवश्यक रूप से बैठकें कर कोविड प्रोटोकॉल की पालना में उनका सहयोग लेना सुनिश्चित करें।

गहलोत ने बताया कि उदयपुर में सबसे तेज गति से संक्रमण फैलने के कारण रात्रिकालीन कफ्र्यू शाम 6 से सुबह 6 बजे तक 12 घण्टे की अवधि के लिए लगाया गया है। उदयपुर में बड़ी संख्या में टेस्ट किए जा रहे हैं, फिर भी हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित पाया जा रहा है। यहां पॉजिटीविटी दर 30 प्रतिशत तक पहुंचने के साथ ही शहर के अस्पतालों में 66 प्रतिशत आईसीयू और ऑक्सीजन बेड पर मरीज भर्ती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा, जोधपुर और जयपुर में भी संक्रमण की गति काफी तेज है। इन शहरों में शनिवार को पॉजिटिविटी दर क्रमश: 22, 15 और 8.4 प्रतिशत रही, जो गम्भीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस स्थिति के बारे में स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संस्थाओं से चर्चा कर यह संदेश देना चाहिए कि वे लोगों को हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि संक्रमण अधिक बढऩे पर हालात बहुत बिगड़ जाएंगे।

थोड़े से लक्षण दिखे तो भी जांच करवाएं–

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि हम सबके लिए यह चिंता का विषय होना चाहिए कि शनिवार को कोविड के अभी तक के सर्वाधिक 4401 मामले सामने आए हैं। कोविड की इस गंभीरता को आम लोग अभी भी नहीं समझ रहे हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कोविड प्रोटोकॉल यानी मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोना ही आपको इस बीमारी से बचा सकता है। कोरोना की इस नई लहर में सामने आया है कि कई बार संक्रमित व्यक्ति का आरटीपीसीआर टेस्ट निगेटिव आता है जबकि असल में व्यक्ति कोविड पॉजिटिव होता है। इसलिए यदि खांसी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षण दिखें एवं रिपोर्ट निगेटिव आए तो डॉक्टर की सलाह लेकर डी-डाइमर टेस्ट एवं सीटी स्कैन भी करवाएं।

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