वैक्सीन व सुरक्षा किट के साथ भेजे जाए चुनाव कार्मिक : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

हरिकिशोर तिवारी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि इन भयावह स्थितियों में अगर प्रदेश के नागरिकों की सेवा करते हुए ,

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर पंचायत चुनाव में कोरोना वैक्सीन डोज ले चुके कार्मिकों की ही डियुटी लगाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्हें पर्याप्त सुरक्षा किट जिसमें पीपीई किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने वीडिया कान्फेसिंग पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह महामंत्री शिव बरन सिंह यादव अविनाश श्रीवास्तव संजीव गुप्ता अमिता त्रिपाठी सुभाष तिवारी आदि शामिल हुए।

परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि कोरोना महामारी की भयावह स्थितियों के बाद भी पंचायत चुनाव संपन्न कराने में दायित्व निर्वहन कर रहे कार्मिकों के लिए जरूरी सुविधाएं देने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए जिम्मेदार लोगों का रवैया बहुत गैरजिम्मेदाराना, असंवेदनशील और अमानवीय है। उन्होंने कहा की पंचायत चुनाव में लगे कार्मिकों की कोरोना संक्रमण से असमय दुखद मृत्यु की खबरें पूरे कर्मचारी समाज को हिला दे रहीं हैं ।

हरिकिशोर तिवारी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि इन भयावह स्थितियों में अगर प्रदेश के नागरिकों की सेवा करते हुए, सरकार की योजनाओं को जनता तक मदद पहुंचाने में अगर क्षतियां होती है तो आपात स्थिति में उन्हें बर्दास्त किया जा सकता है लेकिन पंचायती चुनाव में इतनी जनहानि को बर्दास्त करना व्यवहारिक नहीं प्रतीत होता है। कम से कम बाकी दो चरणों के चुनाव में लगे कार्मिकों को कुछ सुविधाएं ही मुहैया करा दी जाएं।

कर्मचारी नेताओं ने शासन से चुनाव ड्यूटी में लगे सभी कार्मिकों को अभियान चलाकर, चुनाव ड्यूटी स्थल पर ही वैक्सीन लगवाने, डाइबिटीज रक्त चाप या फेफड़े आदि से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त कार्मिकों को अनिवार्यता चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने, की मांग की है। इसके साथ ही सभी कार्मिकों को पीईपी किट उपलब्ध करकने, पति-पत्नी यदि दोनों सेवा में है तो उनमें से पत्नी की ड्यूटी न लगाने, विकलांगों और 55 वर्ष के ऊपर के कार्मिक की ड्यूटी न लगाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर इन परिस्थितियों में भी सरकार इन मांगों को संज्ञान में नही लेती है तो हम चुनाव बहिष्कार का भी निर्णय लेंगे।

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