25 करोड़ के बजट वाली फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर फिसली चाल: पहले दिन मिले सिर्फ 85 लाख, क्या बचा पाएगी मेकर्स की लाज?

25 करोड़ के बजट वाली फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर फिसली चाल: पहले दिन मिले सिर्फ 85 लाख, क्या बचा पाएगी मेकर्स की लाज?

सिनेमाघरों में फिल्मों का सफर कब करवट ले ले, यह कह पाना बेहद मुश्किल होता है। हाल ही में रिलीज हुई एक मध्यम बजट (Medium Budget Movie) की फिल्म को लेकर बॉक्स ऑफिस से चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आई है। लगभग 25 करोड़ रुपये के लागत बजट में तैयार की गई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपनी दस्तक तो दे दी, लेकिन शुरुआती आंकड़ों ने मेकर्स की नींद उड़ा दी है। पहले दिन महज 85 लाख रुपये का कलेक्शन करने के बाद अब हर तरफ यही चर्चा है कि क्या यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी डूबती नैया को बचा पाएगी या निर्माताओं को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

धीमी शुरुआत से बढ़ी मेकर्स की टेंशन

किसी भी फिल्म के लिए उसका ओपनिंग डे (Opening Day Collection) यह तय करने में अहम भूमिका निभाता है कि दर्शक उसे कितना पसंद कर रहे हैं। 25 करोड़ जैसी ठीक-ठाक रकम दांव पर लगाने वाले मेकर्स को उम्मीद थी कि फिल्म पहले दिन कम से कम 2 से 3 करोड़ रुपये तक का कारोबार करेगी, ताकि वीकेंड पर रफ्तार पकड़ी जा सके। लेकिन, पहले दिन केवल 85 लाख रुपये की कमाई होना मेकर्स और ट्रेड एनालिस्ट्स दोनों के लिए एक बड़ा झटका है।

क्या बजट निकालना होगा मुमकिन?

फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यदि किसी फिल्म का ओपनिंग कलेक्शन उसकी कुल लागत के मुकाबले बेहद कम रहता है, तो उसके लिए बजट निकालना बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है।

  • माउथ पब्लिसिटी का सहारा: अब इस फिल्म के पास केवल एक ही रास्ता बचा है और वह है 'वर्ड ऑफ माउथ' (Word of Mouth)। यदि फिल्म की कहानी, निर्देशन और कलाकारों का अभिनय दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाब होता है, तो शनिवार और रविवार को सिनेमाघरों में भीड़ बढ़ सकती है।

  • वीकेंड और माउथ पब्लिसिटी पर नजर: अगर आने वाले दिनों में दर्शक सिनेमाघरों की तरफ रुख नहीं करते हैं, तो मंडे टेस्ट में इस फिल्म का टिक पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा, जिससे मेकर्स की लागत डूबने की कगार पर पहुंच सकती है।

ओटीटी और सैटेलाइट राइट्स बन सकते हैं बड़ा सहारा

थिएटर में खराब प्रदर्शन के बावजूद आज के दौर में फिल्मों के पास अपनी लागत वसूलने के कई अन्य विकल्प भी मौजूद होते हैं। यदि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप भी साबित होती है, तो मेकर्स को अपनी लागत का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल (OTT Rights) और सैटेलाइट राइट्स (Satellite Rights) बेचकर रिकवर करना होगा। हालांकि, बॉक्स ऑफिस की असफलता फिल्म के स्टारकास्ट और मेकर्स की साख पर असर जरूर डालती है। अब देखना यह होगा कि क्या आने वाले दिनों में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई चमत्कार दिखा पाती है या सिनेमाघरों से जल्द ही उतर जाएगी।

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