किसान नेताओं ने कहा- अगर सरकार ने नहीं किया ऐसा तो दिल्ली बॉर्डर पर ही डटे रहेंगे!

मोदी सरकार (Modi government)र और किसान नेताओं के मध्य ये चौथी मीटिंग होगी। इसके पहले की 3 बैठकें बेनतीजा रही थीं।

सरकार के कृषि सुधार कानूनों के विरोध में पिछले सात दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शन (Protest) कर रहे किसानों की संचालन कमेटी के सदस्य गुरुवार को मोदी सरकार (Modi government) से बातचीत के लिए बस से रवाना हुए। मोदी सरकार (Modi government) और किसान नेताओं के मध्य ये चौथी मीटिंग होगी। इसके पहले की 3 बैठकें बेनतीजा रही थीं।

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राजधानी दिल्ली के सिंघु सहित अन्य बॉर्डर पर प्रदर्शन (Protest) कर रहे किसान अपनी बात पर अड़े हुए हैं। बैठक में जाने से पहले किसान नेताओं ने साफ कर दिया कि अगर किसानों की बातें नहीं मानी गईं तो वे सिंघु सीमा पर ही डटे रहेंगे। इस हालात में उनका प्रदर्शन (Protest) 5 तारीख से और उग्र रूप लेगा।

दिल्ली के सीमा पर प्रदर्शन (Protest) कर रहे अधिकतर किसान पंजाब से हैं। किसान मोदी सरकार (Modi government)र के तीन कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि नए कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समाप्त हो जाएगा, लेकिन सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था जारी रहेगी और यह कानून किसानों को अपनी फसल बेचने के अधिक विकल्प देगा।

इस मसले पर मोदी सरकार (Modi government)र और किसान संगठनों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। किसी का भी नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में आज होने वाली चौथे दौरे की बैठक पर सभी नजरें टिकी हुई हैं। मंगलवार को बातचीत के दौरान मोदी सरकार (Modi government)र की ओर से संयुक्त समिति के गठन के प्रस्ताव को किसानों ने खारिज कर दिया था। मोदी सरकार (Modi government)र ने किसानों के 35 संगठनों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। इसी के तहत आज यह बैठक होगी।

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