Covid-19 महामारी का खौफ : प्रतापगढ़ में कोरोना माता की मूर्ति स्थापित, विधि-विधान से हो रही है पूजा

Covid-19 के प्रकोप से बचने के लिए ग्रामीण दवा के साथ दुआ का भी ले रहे सहारा

लखनऊ। हम भारतीय विश्वगुरु होने का कितना भी ढिढोरा पीटते रहे, लेकिन समस्याओं का समाधान आज भी जादू-टोने से ही करते हैं। अब कोरोना (Covid-19) महामारी को ही ले लीजिये केंद्र व प्रदेश सरकारों के इलाज और वैक्सीन के तमाम दावों के बावजूद देश के कई हिस्सों में महामारी से बचने के लिए लोग कोरोना माई की पूजा कर रहे हैं। राजधानी से करीब पौने दो सौ किमी दूर प्रतापगढ़ जनपद के सांगीपुर थाना के जूही शुक्लपुर गांव में कोरोना के खौफ में ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर कोरोना माता का मंदिर ही बना लिया है। ग्रामीण इस मंदिर में स्थापित कोरोना माता की पूरे विधि-विधान से नित्य पूजा कर रहे हैं।

Covid-19 corona mai
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी (Covid-19) की दूसरी लहर ने अनगिनत जाने ली। इस दौरान सरकार कहीं नजर नहीं आ रही थी। महामारी के प्रकोप से बचने के लिए कुछ लोगों ने प्राचीन आयुर्वेद पद्धति का सहारा लिया तो कुछ अंधविश्वासी लोगों ने टोने- टोटके और झाड़फूंक का भी सहारा लिया। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में बड़ी तादाद में महिलाओं ने पूजा अर्चना कर कोरोना माई का निकारा किया। इस तरह के अंधविश्वासपूर्ण कृत्य कमोवेश पूरी हिंदी पट्टी में दिख रहे हैं।

यूपी के सर्वाधिक शिक्षित जिलों में शुमार प्रतापगढ़ के ग्रामीण अंचल में भी कोरोना (Covid-19) को लेकर अंधविश्वास चरम पर है। यहां के गांवों में लोग कोरोना माई की पूजा कर रहे हैं। शहर से सटे कई गांवों के बुजुर्गों का कहना है कि पहले माता से बचने के लिए लोग शीतला माई की पूजा करते थे तो माता का प्रकोप थम जाता था। उसमे दवा काम नहीं आती थी। दवा कराने पर शीतला माई नाराज होकर कहर बरपाती थी। इसी तरह कोरोना माई की पूजा करने से महामारी भी थम जायेगी।

जनपद के सांगीपुर थाना क्षेत्र के जूही शुक्लपुर गांव में कोरोना (Covid-19) के खौफ में ग्रामीणों ने आपस से चंदा जुटाकर कोरोना माता का मंदिर ही बनवा लिया है। दरअसल, कोरोना से तीन मौत और कई ग्रामीणों के पॉजिटिव होने के बाद जूही शुकुलपुर गांव के लोग खौफजदा हो गए। लोगों ने दवा के साथ दुआ पर भी भरोसा किया। लोगों ने कोरोना माता की मूर्ति स्थापित कर पूजा करने का निर्णय किया। विशेष ऑर्डर पर तैयार कराई मूर्ति को गांव में नीम के पेड़ के पास स्थापित कर इसे कोरोना माई मंदिर का नाम दिया गया।
मंदिर में स्थापित कोरोना (Covid-19) माता की मूर्ति मास्क पहने और हाथ धुलते हुए संक्रमण से बचने का संदेश दे रही है। इस मंदिर में ग्रामीण पूरे विधि-विधान से नित्य धुप और अगरबत्ती जलाकर कोरोना माई की पूजा कर प्रसाद चढ़ाते हैं। इस मंदिर में स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज से लोग भी पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना माता की पूजा करने से हमारे गांव में महामारी नहीं आएगी।

पुराने अंदाज में लौटे हिमेश रेशमिया, रिलीज किया ‘सुरूर’ का नया टाइटल ट्रैक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button