UP में मिला कोरोना का इतना खतरनाक वैरिएंट, प्रशासन में मचा हड़कंप

माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना का कप्पा वैरिएंट उत्तर प्रदेश में ये पहला केस मिला है।

लखनऊ।। उत्तर प्रदेश में कोरोना कप्पा वैरिएंट का पहला मरीज मिला है। जिससे प्रदेश में हडकंप मच गया है। इस वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया जा चुका है। आपको बता दे, कि कोरोना वायरस के कई नए रूप है, जिनको डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट के नाम से पुष्टि की गयी है।

आपको बता दे, प्रदेश में प्राप्त इस नए वायरस के बारे में शासन ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जानकारी मांगी है। संक्रमितों का नाम पता सहित पूरा ब्योरा तलब किया गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना का कप्पा वैरिएंट उत्तर प्रदेश में ये पहला केस मिला है। बी.1.617.2 को डेल्टा वैरिएंट के नाम से जाना जा रहा है, जोकि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके अन्य वंश बी.1.617.1 को कप्पा कहा जाता है। इसे अप्रैल में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया है।

वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया जा चुका है डेल्टा प्लस–

आपको बता दे कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट बेहद खतरनाक माना जा रहा है। इसे हाल ही में भारत में वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया गया है। इसका मतलब यह है कि यह वह स्वरूप है, जो बहुत घातक होता है। देश के कई राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। इसकी वजह से कई मरीजों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में संभवत: डेल्टा प्लस का यह पहला मामला गोरखपुर में मिला है।

डेल्टा प्लस के एक मरीज की हो चुकी है मौत–

अब तक डेल्टा प्लस के दो मरीजों में से एक की मौत हो चुकी है। यह मरीज देवरिया का रहने वाला था। उसकी उम्र 66 साल थी। वह 17 मई को पॉजिटिव हुआ था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गंभीर हाल में परिजनों ने मई में भर्ती कराया था। जून माह में उसकी मौत हो गई। मौत से पहले माइक्रोबॉयोलॉजी की टीम ने नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया था। मृत मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिल सकी थी।

MBBS की छात्रा में मिला डेल्टा प्लस वैरिएंट–

डेल्टा प्लस की दूसरी मरीज 23 साल की MBBS की छात्रा है। वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई करती है। यह छात्रा लखनऊ की रहने वाली है। छात्रा 26 मई को पॉजिटिव हुई थी। पॉजिटिव होने के बाद जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए उसका नमूना मई में ही लिया गया था। हालांकि छात्रा पूरी तरह से ठीक हो चुकी है। डेल्टा प्लस वैरिएंट की जानकारी छात्रा को दी गई है। वह लखनऊ में है।

गंभीर मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे–

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि जिन लोगों के नमूने जीनोम सीक्वेसिंग की जांच के लिए भेजे गए थे, वह गंभीर मरीजों के थे। मरीजों की सीटी वैल्यू 25 से कम थी। इनमें कई ऐसे भी थे, जिनको कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है।

 

 

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