क्या गर्मी का मौसम दिल पर पड़ता है भारी? हीटवेव कैसे बढ़ाती है हार्ट अटैक और खून के थक्के का खतरा
इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave) का असर केवल हमारे शरीर के तापमान पर ही नहीं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य पर भी गहरा पड़ रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान नसों में खून का गाढ़ा होना (Blood Thickening) एक गंभीर स्थिति बन सकती है, जो हार्ट अटैक (Heart Attack) और स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। आखिर गर्मी का हमारे रक्त प्रवाह और हृदय से क्या सीधा संबंध है, इसे समझना हर किसी के लिए जरूरी है।
कैसे गाढ़ा हो जाता है खून?
हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान सामान्य रखने के लिए पसीना बहुत अधिक निकलता है। अगर इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी न पिया जाए, तो शरीर में डिहाइड्रेशन (Dehydration) की स्थिति पैदा हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो रक्त की मात्रा कम हो जाती है और वह गाढ़ा होने लगता है। गाढ़ा खून नसों में धीरे चलता है, जिससे धमनियों में रुकावट आने और थक्के (Blood Clots) बनने की संभावना बढ़ जाती है। यही स्थिति हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालती है और हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।
हीटवेव में क्यों बढ़ जाता है जोखिम?
भीषण गर्मी में हृदय को शरीर को ठंडा रखने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हृदय को त्वचा की ओर रक्त पंप करने के लिए अधिक तेजी से धड़कना पड़ता है, ताकि पसीने के जरिए शरीर की गर्मी बाहर निकल सके। जिन लोगों को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी कोई समस्या है, उनके लिए यह अतिरिक्त शारीरिक तनाव जानलेवा साबित हो सकता है। हीटवेव नसों में सूजन और रक्तचाप के उतार-चढ़ाव को भी जन्म देती है, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट का खतरा पैदा हो जाता है।
बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
डॉक्टरों के अनुसार, अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आप इस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं:
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भरपूर पानी पिएं: केवल प्यास लगने का इंतजार न करें। दिन भर में नियमित अंतराल पर पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) का सेवन करते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
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समय का चयन: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान हीटवेव का प्रभाव सबसे अधिक होता है।
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खान-पान पर ध्यान: कैफीन (कॉफी, चाय) और अधिक चीनी वाले ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ये शरीर से पानी को तेजी से कम करते हैं। हल्के और पचने योग्य भोजन का सेवन करें।
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चेतावनी संकेतों को पहचानें: यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, अत्यधिक थकान या घबराहट महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें।