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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। अब अगर चाइनीज मांझे की वजह से किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो इसे महज हादसा नहीं बल्कि हत्या माना जाएगा। यह फैसला देश में पहली बार किसी राज्य द्वारा लिया गया है और इसे जनसुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

देश के अलग-अलग राज्यों से समय-समय पर चाइनीज मांझे से जुड़ी दर्दनाक घटनाएं सामने आती रही हैं। कहीं बाइक सवार युवक की गर्दन कट गई, तो कहीं खेलते बच्चे की जिंदगी चंद पलों में खत्म हो गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, किसी ने हाथ गंवाया, किसी का चेहरा हमेशा के लिए बिगड़ गया। कई परिवारों ने अपना इकलौता सहारा खो दिया।

उत्तर प्रदेश भी इस खतरनाक मांझे के कहर से अछूता नहीं रहा है। बीते वर्षों में लखनऊ, बाराबंकी, जौनपुर समेत कई जिलों में ऐसी घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया। अक्सर ये घटनाएं कुछ दिनों तक सुर्खियों में रहती हैं, फिर सिस्टम की चुप्पी के साथ भुला दी जाती हैं।

अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस लापरवाही पर सख्त ब्रेक लगाने का फैसला किया है। गुरुवार को उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश में चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके कारण होने वाली मौतों को हत्या की श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अब ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।

हाल ही में लखनऊ के बाजारखाला इलाके में हैदरगंज ओवरब्रिज पर बाइक सवार सैयद शोएब की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे पहले भी राजधानी और प्रदेश के अन्य हिस्सों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है, तो वह बाजारों तक कैसे पहुंच रहा है। इसके बाद उन्होंने प्रदेश भर में सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। अब न सिर्फ बिक्री, बल्कि भंडारण और परिवहन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी स्तर पर लापरवाही न हो।

इस फैसले का सबसे बड़ा असर यह होगा कि अब जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। अब तक ऐसे मामलों को दुर्घटना बताकर फाइल बंद कर दी जाती थी, लेकिन हत्या की धारा लगने से पूरी आपूर्ति श्रृंखला कानून के शिकंजे में आएगी। बेचने वाला, रखने वाला और इस्तेमाल करने वाला—सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। चाइनीज मांझा न सिर्फ इंसानों, बल्कि बच्चों, पशु-पक्षियों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को इस खतरनाक मांझे से पूरी तरह मुक्त करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी सरकार का यह कदम पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है। अगर अन्य राज्य भी इसी तरह सख्त रुख अपनाते हैं, तो शायद आने वाले समय में इस जानलेवा धागे से होने वाली मौतों पर लगाम लगाई जा सके।