सितंबर में आने वाला है बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा संकट, लगातार 3 दिन बंद रहेंगे बैंक; 11 सितंबर को भी नहीं होगा कामकाज
छुट्टियों और हड़तालों के इस मिले-जुले दौर के कारण सितंबर के महीने में बैंकिंग कामकाज पर सबसे बड़ा असर पड़ने वाला है, जिससे ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महीने के दूसरे सप्ताह में लगातार तीन दिनों तक बैंक के दरवाजे आम जनता के लिए बंद रहेंगे, जिसमें साप्ताहिक अवकाश और बैंक यूनियनों द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल दोनों शामिल हैं। यदि आपने अपने बैंक से जुड़े जरूरी काम जैसे कि लोन अप्रूवल, केवाईसी अपडेट, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना या खाता खुलवाने जैसे कार्य रोक रखे हैं, तो उन्हें तुरंत पूरा कर लें अन्यथा आपको लंबे इंतजार के लिए तैयार रहना होगा। बैंकों के इस प्रकार लगातार बंद रहने से व्यापारिक जगत, छोटे दुकानदारों और वेतनभोगी वर्ग को भी अपने वित्तीय लेन-देन निपटाने में काफी भागदौड़ करनी पड़ सकती है, क्योंकि डिजिटल बैंकिंग के अलावा किसी भी फिजिकल काम के लिए बैंक शाखाओं का खुला होना आवश्यक होता है।
11 सितंबर को क्यों बुलाई गई है राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल और क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
बैंक कर्मचारियों के प्रमुख राष्ट्रीय संगठनों और यूनियनों ने सरकार तथा इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल पर जाने का अधिकारिक ऐलान किया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग (Five-day banking) की पुरानी मांग को जल्द से जल्द लागू करना, पेंशन अपडेशन, और वर्कलोड तथा रिक्रूटमेंट से जुड़े तमाम लंबित मुद्दों का समाधान करना शामिल है। यूनियनों का यह आरोप है कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी जायज मांगों पर प्रबंधन और सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह कड़ा कदम उठाना पड़ रहा है। इस एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण देश भर के सरकारी बैंकों की शाखाओं में ताले लटके रहेंगे और क्लियरेंस हाउस पूरी तरह से ठप रहेंगे, जिसका असर सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
एटीएम सेवाएं और ऑनलाइन नेट बैंकिंग रहेंगी चालू, लेकिन हो सकती है कैश की किल्लत
भले ही बैंक की शाखाएं लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगी और कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, लेकिन राहत की बात यह है कि यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम (ATM) जैसी डिजिटल सेवाएं हमेशा की तरह सुचारू रूप से काम करती रहेंगी। हालांकि, जानकारों का यह कहना है कि यदि बैंक लगातार कई दिनों तक बंद रहते हैं, तो एटीएम मशीनों में कैश की खपत बढ़ने के कारण कुछ जगहों पर नकदी की किल्लत भी देखने को मिल सकती है, इसलिए आपातकालीन खर्चों के लिए पहले से ही पर्याप्त कैश अपने पास रखना समझदारी होगी। इसके अलावा, किसी भी प्रकार के तकनीकी फ्रॉड या सर्वर डाउन होने की स्थिति में ग्राहकों को तुरंत बैंक जाने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि शाखाओं में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं होगा।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह: बैंक जाने से पहले चेक करें छुट्टियों की लिस्ट और निपटा लें अपने जरूरी काम
बैंकिंग सेवाओं के बाधित होने की इस खबर के बाद से ही वित्तीय विशेषज्ञों और बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को लगातार यह सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी बैंकिंग प्लानिंग समय से पहले कर लें। यदि आपको बैंक से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण चेक या ड्राफ्ट क्लियर कराना है, या फिर बैंक मैनेजर से मिलकर किसी कागजी कार्रवाई को पूरा करना है, तो हड़ताल की तारीखों से पहले ही इन कामों को निपटा लें। इस प्रकार की हड़तालें देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी के दैनिक जीवन पर सीधा असर डालती हैं, इसलिए जरूरी है कि आप सरकार और बैंक यूनियनों के बीच होने वाले आगामी समझौतों पर भी नजर बनाए रखें ताकि आपको सही समय पर सटीक जानकारी मिल सके।