2018 की वो फिल्म जिसे देख दहल जाएगी रूह: IMDb पर 8.5 रेटिंग वाली 'खेजड़ी', बंद दरवाजों के पीछे का भयावह सच
अगर आप सिनेमा के शौकीन हैं और ऐसी कहानियों की तलाश में हैं जो मनोरंजन से परे जाकर समाज की कुरीतियों और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दें, तो 2018 की फिल्म 'खेजड़ी' (Khejdi) आपके लिए एक मस्ट-वॉच अनुभव है। IMDb पर 8.5 जैसी प्रभावशाली रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म एक ऐसी बेबस कहानी बयां करती है, जिसे देखकर आपकी आंखों में आंसू और मन में समाज के लिए एक गहरा गुस्सा भर जाएगा।
क्या है 'खेजड़ी' की कहानी?
'खेजड़ी' एक ऐसे बच्चे की कहानी है जो शारीरिक रूप से एक अलग पहचान के साथ पैदा हुआ है। यह फिल्म ग्रामीण भारत के उन दबे-छिपे और भयावह सच को सामने लाती है, जहाँ परंपरा और रूढ़िवादिता के नाम पर एक इंसान की पहचान को ही मिटा दिया जाता है। फिल्म में एक इंटरसेक्स (Intersex) बच्चे के संघर्ष को दिखाया गया है, जिसे समाज की नजरों से छिपाकर रखा जाता है। वह घर की चारदीवारी के अंदर बंद है, लेकिन उसकी आत्मा बाहर की दुनिया देखने के लिए तड़पती है। यह कहानी शारीरिक भिन्नता के प्रति समाज के नजरिए और उस मासूम के संघर्ष की दास्तान है जो अपनी ही पहचान के लिए लड़ रहा है।
क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म?
फिल्म का निर्देशन और इसका कच्चापन (Raw treatment) इसे एक मास्टरपीस बनाता है। फिल्म का कोई भी हिस्सा आपको बनावटी नहीं लगेगा, बल्कि यह आपको उस गांव की मिट्टी और उस परिवार के घुटन भरे माहौल का अहसास कराएगा। फिल्म में 'खेजड़ी' का किरदार निभाने वाले कलाकार का अभिनय इतना जीवंत है कि आप खुद को उस परिस्थिति में महसूस करेंगे। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज है जो आज भी समाज के 'टैबू' के पीछे छिपे हुए हैं।
सिनेमा जो आईना दिखाता है
'खेजड़ी' यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हम एक सभ्य समाज के रूप में खुद को कैसे कह सकते हैं, जब हम अपनों के ही अधिकारों और पहचान को केवल इसलिए कुचल देते हैं क्योंकि वे 'सामान्य' नहीं हैं। फिल्म में दिखाए गए दृश्य और उसके संवाद सीधे दिल पर चोट करते हैं। 2018 में रिलीज हुई यह फिल्म आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उस समय थी। बंद दरवाजों के पीछे छिपा वह 'झकझोर देने वाला सच' जब फिल्म के अंत में सामने आता है, तो वह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
कैसे देखें और क्यों है खास?
यह फिल्म उन लोगों के लिए है जो सिनेमा को केवल मसाला और डांस के लिए नहीं, बल्कि एक बदलाव के नजरिए से देखते हैं। इसकी सिनेमैटोग्राफी और संगीत फिल्म की कहानी को और भी गहरा बनाते हैं। अगर आपने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है, तो इसे आज ही अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें। यह एक ऐसी कलाकृति है जिसे देखने के बाद आप वैसा नहीं रहेंगे, जैसे आप इसे देखने से पहले थे।