इम्यूनिटी और एनर्जी का है यह पावरहाउस; जानिए किसे, कब और कैसे अपनी डेली डाइट में करना चाहिए शामिल

इम्यूनिटी और एनर्जी का है यह पावरहाउस; जानिए किसे, कब और कैसे अपनी डेली डाइट में करना चाहिए शामिल

आधुनिक और भागदौड़ भरी इस जीवनशैली में खराब खान-पान, अनियमित दिनचर्या और बढ़ते प्रदूषण के कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) तेजी से कमजोर होती जा रही है, जिसके चलते लोग कम उम्र में ही थकान, कमजोरी और कई तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार होने लगे हैं। अपनी सेहत को दुरुस्त रखने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने के लिए लोग तमाम तरह के महंगे सप्लीमेंट्स और विटामिन्स का सहारा लेते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमें ऐसे कई अनमोल औषधीय पौधे दिए हैं जिनके सामने बड़े-बड़े कैप्सूल भी फेल हो जाते हैं। आयुर्वेद में सदियों से अपनी चमत्कारी तासीर और गुणों के लिए पहचानी जाने वाली 'शतावरी' (Shatavari) और सुपरफूड के रूप में दुनिया भर में धूम मचाने वाली 'मोरिंगा' यानी सहजन की पत्तियां आज के समय में सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। यदि इन दोनों प्राकृतिक जड़ी-ूटियों को सही तरीके से और सही समय पर अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल कर लिया जाए, तो यह आपके पूरे शरीर का कायापलट कर सकती हैं। इस विस्तृत और खास लेख के माध्यम से आइए जानते हैं कि शतावरी और मोरिंगा के सेवन से शरीर को कौन-कौन से अद्भुत स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं और इन्हें अपनी डेली रूटीन में खाने का सही तरीका क्या है।

शतावरी के औषधीय गुण और महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों की सेहत के लिए इसके चमत्कारी फायदे

आयुर्वेद की प्राचीन संहिताओं में शतावरी को एक महा-औषधि का दर्जा दिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है 'सौ बीमारियों की एक दवा' या जिसके सौ नुस्खे हों। यह विशेष रूप से हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने, स्ट्रेस को कम करने और शरीर की प्रजनन क्षमता (Reproductive Health) को मजबूत बनाने के लिए सबसे ज्यादा असरदार मानी जाती है। महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं, मेनोपॉज के लक्षणों और शरीर की कमजोरी को दूर करने में शतावरी का चूर्ण या कल्प वर्षों से एक अचूक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके अलावा, यह पुरुषों में स्टैमिना, ऊर्जा और शारीरिक शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ नर्वस सिस्टम को शांत रखकर मानसिक तनाव को भी कम करती है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को समय से पहले बूढ़ा होने से रोकते हैं और त्वचा में एक प्राकृतिक चमक बनाए रखते हैं।

सहजन यानी मोरिंगा की पत्तियां क्यों कहलाती हैं 'ड्रमस्टिक ट्री का सुपरफूड', जानिए इसके पोषण तत्व

दूसरी तरफ, मोरिंगा (Moringa Oleifera) जिसे आम भाषा में सहजन या सुजना के नाम से जाना जाता है, आधुनिक पोषण विज्ञान में दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरफूड्स में शुमार किया जा चुका है। मोरिंगा की पत्तियों में संतरे से सात गुना ज्यादा विटामिन सी, गाजर से चार गुना ज्यादा विटामिन ए, दूध से चार गुना ज्यादा कैल्शियम और पालक से कई गुना ज्यादा आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर में बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने और मेटाबॉलिज्म को तेज करके वजन घटाने में बहुत तेजी से मदद करती है। जिन लोगों को अक्सर जोड़ों में दर्द, गठिया या शरीर में सूजन की शिकायत रहती है, उनके लिए मोरिंगा की पत्तियों का काढ़ा या पाउडर किसी औषधीय दवा से कम असर नहीं दिखाता है।

शतावरी और मोरिंगा को अपनी डेली डाइट में कब और कैसे लेना चाहिए, जानिए सही तरीका

इन दोनों शक्तिशाली जड़ी-बूटियों के फायदों को जानने के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि इन्हें अपनी डाइट में किस समय और कितनी मात्रा में लेना चाहिए ताकि अधिकतम लाभ मिल सके। शतावरी चूर्ण का सेवन आमतौर पर रात को सोने से पहले हल्के गुनगुने दूध के साथ आधा चम्मच करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह नींद की गुणवत्ता को सुधारने और शरीर को सुकून देने का काम करती है। वहीं, मोरिंगा के पाउडर या उसकी ताजी पत्तियों का इस्तेमाल सुबह खाली पेट या दोपहर के भोजन के समय पानी, स्मूदी या दाल-सब्जी में मिलाकर किया जा सकता है, जिससे दिन भर के लिए शरीर को भरपूर एनर्जी मिलती है। यदि आप इन दोनों का एक साथ सेवन करना चाहते हैं, तो सुबह के समय मोरिंगा और रात के समय शतावरी को अपनी रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं, लेकिन किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में इसका सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

नेचुरल हीलिंग और लंबी उम्र का राज: केमिकल सप्लीमेंट्स को कहें अलविदा और अपनाएं प्राकृतिक रास्ते

आज के समय में जब बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर और हेल्थ सप्लीमेंट्स कई तरह के साइड इफेक्ट्स और केमिकल्स से भरे होते हैं, तब शतावरी और मोरिंगा जैसे प्राकृतिक विकल्प हमारे शरीर को बिना किसी नुकसान के शुद्ध पोषण प्रदान करते हैं। प्रकृति ने हमें स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के लिए ये जो अनमोल उपहार दिए हैं, उन्हें अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर हम कई तरह की आधुनिक लाइफस्टाइल बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। नियमित रूप से संतुलित खान-पान, योग और इन आयुर्वेदिक औषधियों का सही मेल आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना मजबूत कर देता है कि मौसम बदलने पर होने वाले संक्रमण आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाते। आज ही से अपनी डेली डाइट में शतावरी और मोरिंगा को शामिल करें और कुछ ही हफ्तों में अपने शरीर के भीतर एक सकारात्मक और ऊर्जावान बदलाव महसूस करें।

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