Rajasthan Weather Update: राजस्थान के इन संभागों में 20 जुलाई तक झमाझम बारिश और धूलभरी आंधी का अलर्ट; जानें मौसम विभाग की ताजा चेतावनी!

Rajasthan Weather Update: राजस्थान के इन संभागों में 20 जुलाई तक झमाझम बारिश और धूलभरी आंधी का अलर्ट; जानें मौसम विभाग की ताजा चेतावनी!

राजस्थान में कड़कड़ाती धूप और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मरुधरा के मौसम को लेकर एक नया और महत्वपूर्ण बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ने वाली है, जिसके चलते आगामी 20 जुलाई तक राजस्थान के कई संभागों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना बन रही है।

हालांकि, बारिश के साथ-साथ कुछ मैदानी और पश्चिमी इलाकों में तेज रफ्तार से धूलभरी हवाएं (आंधी) चलने का भी येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

इन संभागों में दिखेगा मानसून का कड़ा रुख, होगी झमाझम बारिश

मौसम केंद्र जयपुर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के चलते राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सिस्टम काफी मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से मुख्य रूप से निम्नलिखित संभागों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है:

  • जयपुर और भरतपुर संभाग: इन संभागों के जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं।

  • कोटा और उदयपुर संभाग: हाड़ौती और मेवाड़ अंचल में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान रहेगा। इन संभागों के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

  • अजमेर संभाग: मध्य राजस्थान के इस हिस्से में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

पश्चिमी राजस्थान में चलेंगी धूलभरी हवाएं, वज्रपात की चेतावनी

एक तरफ जहां पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों और रेगिस्तानी बेल्ट में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। धूल का गुबार उठने से दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, आकाशीय बिजली चमकने (Thunderstorm) और वज्रपात की आशंका को देखते हुए आईएमडी ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की अपील की है।

किसानों और आम जनता के लिए IMD की विशेष एडवायजरी

मौसम में हो रहे इस अचानक बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें। साथ ही, तेज आंधी के दौरान कच्चे मकानों, टिन शेड और कमजोर ढांचों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। इस बारिश के दौर से खरीफ की फसलों को काफी संजीवनी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राजस्थान के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

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