T20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले 5 भारतीय धुरंधर: इस शर्मनाक लिस्ट में दो वर्ल्ड कप विजेता कप्तान भी शामिल
क्रिकेट के खेल में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक बेहद आम प्रक्रिया है, जहां खिलाड़ी अपनी बेहतरीन पारियों के दम पर इतिहास के पन्नों में अमर हो जाते हैं। लेकिन जिस तरह क्रिकेट के मैदान पर शतक और दोहरे शतकों का रिकॉर्ड जश्न का हिस्सा बनता है, ठीक उसी तरह कुछ ऐसे अनचाहे और शर्मनाक आंकड़े भी दर्ज हो जाते हैं जिन्हें कोई भी खिलाड़ी अपने करियर में देखना पसंद नहीं करता है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट (T20I), जो कि आधुनिक युग का सबसे तेज, रोमांचक और चौकों-छक्कों से सजा हुआ फॉर्मेट माना जाता है, उसमें बल्लेबाज हमेशा क्रीज पर आते ही बड़े शॉट्स खेलने की फिराक में रहते हैं। इस आक्रामक रवैये के चक्कर में कई बार दुनिया के सबसे महान और विस्फोटक बल्लेबाज भी बिना खाता खोले यानी गोल्डन डक या शून्य पर पवेलियन लौट जाते हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में भी कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर के दौरान सबसे ज्यादा बार शून्य (Duck) पर आउट होने का यह अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस सूची में ऐसे दो नाम भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी शानदार कप्तानी के दम पर भारत को टी20 विश्व कप (T20 World Cup) की चमचमाती ट्रॉफी भी जिताई है। आइए आज आपको इस विशेष रिपोर्ट के जरिए उन पांच भारतीय खिलाड़ियों के बारे में विस्तार से बताते हैं जो T20I इतिहास में सबसे ज्यादा बार डक का शिकार हुए हैं।
रोहित शर्मा: अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का अनचाहा रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) दुनिया के सबसे खतरनाक और विस्फोटक ओपनर्स में गिने जाते हैं। टी20 फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने और सबसे ज्यादा शतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले रोहित शर्मा के नाम इस अनचाहे फॉर्मेट में एक और ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिस पर कोई खिलाड़ी गर्व नहीं करना चाहेगा। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का खराब रिकॉर्ड रोहित शर्मा के ही नाम पर दर्ज है। अपने लंबे और शानदार टी20 करियर के दौरान रोहित शर्मा कुल 12 बार बिना अपना खाता खोले यानी शून्य पर पवेलियन लौटे हैं। हालांकि उनके इस आंकड़े के पीछे उनका हमेशा से आक्रामक और टीम को पावरप्ले में तेज शुरुआत देने का अंदाज रहा है, क्योंकि वे क्रीज पर उतरते ही विपक्षी गेंदबाजों पर टूट पड़ते हैं। इसके बावजूद, दुनिया के इस महान बल्लेबाज का टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में इतनी बार डक होना निश्चित रूप से हैरान करने वाला आंकड़ा है, खासकर तब जब वे भारत को अपनी कप्तानी में साल 2024 का टी20 विश्व कप भी जिता चुके हैं।
विराट कोहली: रन मशीन के नाम से मशहूर इस दिग्गज के खाते में भी दर्ज हैं कई डक
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और आधुनिक युग के सबसे महान बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) को क्रिकेट की दुनिया में 'रन मशीन' और चेज़ मास्टर के रूप में जाना जाता है। जब भी मैदान पर भारत को संकट से उबारने की बात आती है, तो विराट कोहली का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। लेकिन क्रिकेट का खेल किसी को भी पूरी तरह अचूक नहीं बनाता है, और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में विराट कोहली का बल्ला भी कई बार बिल्कुल खामोश रहा है। इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर रहने वाले कोहली के नाम T20I में कुल 8 बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि उनके फैंस के लिए यह भले ही थोड़ा अजीब लगे कि मैदान पर लंबे समय तक टिककर खेलने वाले इस खिलाड़ी ने इतनी बार डक का सामना किया है, लेकिन खेल के सबसे छोटे प्रारूप में रिस्क भरे शॉट्स खेलने की कोशिश में यह किसी भी दिग्गज के साथ हो सकता है। विराट कोहली ने भी रोहित शर्मा की तरह अपनी कप्तानी और शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारत को कई ऐतिहासिक मुकाबले जिताए हैं और वे भी टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का अहम हिस्सा रह चुके हैं।
ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे आधुनिक आक्रामक बल्लेबाजों का भी इस सूची में है दबदबा
भारतीय टीम के विकेटकीपर- बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और स्टाइलिश ओपनर केएल राहुल (KL Rahul) भी इस अनचाही सूची का एक बड़ा हिस्सा हैं। ऋषभ पंत अपनी आक्रामक और निडर बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते हैं, जो मैच के किसी भी मोड़ पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने की कुव्वत रखते हैं। लेकिन इसी अति-आक्रामकता के चक्कर में वे कई बार बिना सोचे-समझे बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठते हैं। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में ऋषभ पंत कई मौकों पर गोल्डन डक का शिकार हो चुके हैं, जिससे उनके कुल डक की संख्या काफी ऊपर पहुंच जाती है। वहीं दूसरी तरफ, तकनीकी रूप से बेहद मजबूत माने जाने वाले केएल राहुल भी अपने करियर के विभिन्न पड़ावों पर फॉर्म की खराबी या शुरुआती ओवरों की खतरनाक स्विंग गेंदबाजी के आगे घुटने टेकते हुए कई बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। इन दोनों खिलाड़ियों का इस फेहरिस्त में होना यह साबित करता है कि टी20 क्रिकेट में तकनीक से ज्यादा मौके का फायदा उठाना जरूरी होता है, और जरा सी चूक बल्लेबाज को सीधे पवेलियन का रास्ता दिखा देती है।
टी20 क्रिकेट में डक का यह मनोवैज्ञानिक दबाव और खिलाड़ियों की वापसी का जज्बा
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी बड़े खिलाड़ी के लिए शून्य पर आउट होना मानसिक रूप से एक बहुत बड़ा झटका होता है, लेकिन महान खिलाड़ी वही कहलाते हैं जो इस तरह की असफलताओं से सीख लेकर अगली पारी में और अधिक मजबूती के साथ मैदान पर वापसी करते हैं। टी20 इंटरनेशनल जैसे तेज तर्रार फॉर्मेट में जहां हर गेंद पर रन बनाने का दबाव होता है, वहां बल्लेबाजों के लिए लगातार सफल रहना असंभव सा होता है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि शुरुआती असफलताओं या डक के बावजूद वे अपनी टीम के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि खेल के इस प्रारूप में असफलता और सफलता के बीच की रेखा बेहद पतली होती है, और दुनिया का बड़े से बड़ा धुरंधर इस अनचाहे रिकॉर्ड का शिकार बन सकता है।