क्रिस्टियानो रोनाल्डो का छलका दर्द: 6 वर्ल्ड कप में गोल दागकर भी अधूरा रहा विश्व विजेता बनने का ख्वाब, आंसुओं के साथ मैदान से विदा हुए CR7
भावुक कर देने वाली विदाई, रोते हुए मैदान से निकले रोनाल्डो
फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो (CR7) का अपनी टीम को विश्व विजेता बनाने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया। नॉकआउट मुकाबले में पुर्तगाल की हार के साथ ही रोनाल्डो का सफर समाप्त हो गया। मैच खत्म होने की सीटी बजते ही रोनाल्डो अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सके और मैदान पर ही फूट-फूटकर रो पड़े। अपने इस अधूरे सपने को लेकर जब वे आंसुओं से तर आंखों के साथ टनल से बाहर ड्रेसिंग रूम की तरफ जा रहे थे, तो दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों का दिल टूट गया।
6 अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इस टूर्नामेंट में उतरते ही एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया था, जिसे छू पाना किसी भी फुटबॉलर के लिए नामुमकिन सा लगता है। वे दुनिया के पहले और इकलौते ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने लगातार 6 अलग-अलग फुटबॉल वर्ल्ड कप एडिशन में कम से कम एक गोल जरूर दागा है। उनका यह बेमिसाल रिकॉर्ड उनकी फिटनेस, निरंतरता और फुटबॉल के प्रति उनके बेइंतहा समर्पण को दर्शाता है। लेकिन इस व्यक्तिगत महानता के बावजूद, वे अपनी टीम को चमचमाती ट्रॉफी तक नहीं ले जा सके।
ट्रॉफी का ख्वाब रह गया अधूरा, एक युग का अंत!
कैरियर में अनगिनत क्लब खिताब, बैलन डी'ओर (Ballon d'Or) और यूरो कप जीतने वाले रोनाल्डो के चमचमाते कैबिनेट में सिर्फ फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी की कमी थी। 41 वर्ष की उम्र के करीब पहुंच चुके रोनाल्डो के लिए यह संभवतः आखिरी विश्व कप था। रोनाल्डो ने हमेशा पुर्तगाल को शीर्ष पर ले जाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। भले ही रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का ख्वाब अधूरा रह गया हो, लेकिन फुटबॉल जगत में उनका योगदान और उनका 'CR7' ब्रैंड हमेशा अमर रहेगा।