Mission World Cup: क्या है BCCI की नई रोटेशन पॉलिसी? विराट कोहली और रोहित शर्मा को आराम देकर 'प्लान-B' तैयार करने में जुटे सेलेक्टर्स!
भारतीय क्रिकेट टीम इस समय भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स, विशेषकर 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए अपने रोडमैप पर काम कर रही है। इस बीच, मीडिया और क्रिकेट गलियारों में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 'रोटेशन पॉलिसी' को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल जैसे दिग्गज सीनियर खिलाड़ियों को इस पॉलिसी के तहत वनडे फॉर्मेट में आराम दिया जाएगा? और क्या सेलेक्टर्स अब टीम इंडिया का कोई नया 'बैकअप प्लान' तैयार कर रहे हैं?
दरअसल, इंग्लैंड के खिलाफ चल रही मौजूदा वनडे सीरीज के बीच 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट ने सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य और रोटेशन पॉलिसी को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं।
आखिर क्या है BCCI की रोटेशन पॉलिसी?
BCCI की रोटेशन पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य सीनियर और मुख्य खिलाड़ियों के वर्कलोड (Workload) को मैनेज करना और साथ ही बेंच स्ट्रेंथ (युवा खिलाड़ियों) को लगातार अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव देना है।
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सीनियर खिलाड़ियों को ब्रेक: चूंकि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी अब सालाना बहुत कम वनडे मैच खेल रहे हैं, इसलिए बोर्ड उनके वर्कलोड और फिटनेस को मैनेज करने के लिए द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) में आराम देने की योजना बना रहा है।
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प्लान-B तैयार करना: इस नीति के तहत युवाओं को लगातार मौके दिए जा रहे हैं ताकि वर्ल्ड कप 2027 जैसी बड़ी जंग से पहले टीम के पास हर पोजीशन (जैसे ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर) के लिए एक मजबूत विकल्प तैयार रहे।
अफगानिस्तान सीरीज से ही होनी थी शुरुआत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेलेक्टर्स इस रोटेशन प्लान को अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज से ही लागू करने वाले थे। योजना के तहत रोहित शर्मा को उस सीरीज में आराम दिया जाना था, ताकि शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे युवाओं को परखा जा सके।
हालांकि, टीम कॉम्बिनेशन के चलते तब ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस रोटेशन नीति के संकेत साफ हैं कि अब भविष्य में सीनियर खिलाड़ियों को चुनिंदा सीरीज में आराम देकर युवाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
'रो-को' (Ro-Ko) पर अलग-अलग पैमाना?
क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों की मानें तो सेलेक्टर्स अब रोहित शर्मा और विराट कोहली को फिटनेस के लिहाज से एक ही तराजू में नहीं तौल रहे हैं:
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विराट कोहली की बेमिसाल फिटनेस: विराट कोहली विश्व क्रिकेट के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी फिटनेस पर बोर्ड को कोई संदेह नहीं है।
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रोहित शर्मा की फिटनेस पर नजर: 39 वर्षीय रोहित शर्मा के बल्ले से लगातार रन निकल रहे हैं, लेकिन उनकी बढ़ती उम्र और हैमस्ट्रिंग की चोटों के चलते 50 ओवर के मैच में उनके फिटनेस स्तर पर सेलेक्टर्स की पैनी नजर बनी हुई है। यदि रोहित लगातार पूरा योगदान नहीं दे पाते हैं, तो उनके विकल्प के रूप में यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल जैसे बल्लेबाजों को ग्रूम किया जा रहा है।
कप्तान शुभमन गिल ने किया दिग्गजों का बचाव
इन तमाम अटकलों और रोटेशन की खबरों के बीच टीम के मौजूदा कप्तान शुभमन गिल ने रोहित और विराट का खुलकर बचाव किया है। गिल ने एक बयान में कहा:
"रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले एक दशक से भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ रहे हैं। वे अभी भी हमारी टीम का बेहद अहम हिस्सा हैं और बड़े टूर्नामेंट्स में उनका अपार अनुभव टीम के लिए अमूल्य है."
साफ है कि बीसीसीआई आगामी 2027 वर्ल्ड कप के लिए अपने पत्तों को बहुत ही सावधानी से खेल रहा है, जिसमें सीनियरों के अनुभव और युवाओं के जोश के बीच रोटेशन पॉलिसी के जरिए संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।