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150 पन्नों की उस PDF फाइल का सच, जिसने रद्द कराई 22 लाख छात्रों की परीक्षा

Up kiran, Digital Desk : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के रद्द होने के पीछे एक 'गेस पेपर' ने मुख्य भूमिका निभाई है। जांच एजेंसियों के हाथ लगी 150 पन्नों की एक PDF फाइल ने इस पूरे काले खेल का पर्दाफाश कर दिया है। राजस्थान के चूरू जिले से शुरू हुआ यह खेल व्हाट्सएप के जरिए पूरे देश में 'फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स' के टैग के साथ छात्रों के मोबाइल तक पहुंच गया था। आइए जानते हैं आखिर इस PDF में ऐसा क्या था जिसने NTA और केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी।

क्या था उस 150 पन्नों की PDF फाइल में?

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की शुरुआती जांच के अनुसार, परीक्षा से कई सप्ताह पहले एक संदिग्ध PDF फाइल व्हाट्सएप ग्रुप्स में धड़ल्ले से शेयर की जा रही थी।

  • सवालों की संख्या: इस फाइल में कुल 410 प्रश्न शामिल थे, जिन्हें 'गेस पेपर' के नाम पर प्रचारित किया गया था।

  • असली पेपर से समानता: जब जांच एजेंसियों ने इस फाइल का मिलान 3 मई को हुए असली नीट पेपर से किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 410 में से लगभग 120 प्रश्न हूबहू वही थे जो परीक्षा में पूछे गए थे।

  • केमिस्ट्री का खेल: रिपोर्ट के मुताबिक, रसायन विज्ञान (Chemistry) के सवालों में समानता सबसे ज्यादा पाई गई, जिससे यह साफ हो गया कि यह महज कोई 'गेस' नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश थी।

NTA को कब और कैसे मिली भनक?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इस बड़ी धांधली की पहली आधिकारिक सूचना 7 मई की शाम को मिली। इसके अगले ही दिन यानी 8 मई को मामले की गंभीरता देखते हुए इसे केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह PDF परीक्षा खत्म होने के बाद 'लीक' नहीं हुई थी, बल्कि एग्जाम से कई दिन पहले ही छात्रों के हाथों में थी। इसी आधार पर NTA ने माना कि परीक्षा की शुचिता (Integrity) भंग हुई है और 3 मई के एग्जाम को निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

चर्चा में 'चूरू' और 'सीकर' का कनेक्शन

पेपर लीक के इस मामले में एक बार फिर राजस्थान का शेखावाटी इलाका (चूरू और सीकर) चर्चा में है। जांच का केंद्र फिलहाल चूरू बना हुआ है, जहां से इस PDF के ओरिजिनल सोर्स यानी मूल स्रोत होने की आशंका है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर यह फाइल पहली बार किस सर्वर या डिवाइस से जेनरेट हुई थी।

अब छात्रों का क्या होगा?

22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के भविष्य पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों के बीच NTA ने कुछ स्पष्टीकरण दिए हैं:

  • पुनः परीक्षा (Re-Exam): नीट-यूजी 2026 की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, हालांकि नई तारीखों का एलान अभी बाकी है।

  • फीस और आवेदन: छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, पिछली परीक्षा के लिए जमा की गई फीस वापस करने की बात भी कही जा रही है।

  • CBI जांच: केंद्र सरकार ने अब इस पूरे केस की कमान सीबीआई (CBI) को सौंप दी है ताकि पेपर लीक सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचा जा सके।

सियासत और नाराजगी

इस मामले ने देशभर में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे सरकार की बड़ी विफलता करार दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने दो हफ्ते तक सच्चाई दबाने की कोशिश की। वहीं, छात्र और अभिभावक सड़कों पर हैं, क्योंकि सालों की मेहनत एक 'व्हाट्सएप फॉरवर्ड' की भेंट चढ़ गई।

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