आगे भी मुंह, पीछे भी मुंह! रामनगर में सालों बाद दिखा दुर्लभ सांप, इसकी अजीब चाल देखकर सब हैरान!

आगे भी मुंह, पीछे भी मुंह! रामनगर में सालों बाद दिखा दुर्लभ सांप, इसकी अजीब चाल देखकर सब हैरान!

उत्तराखंड के कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार रामनगर और उसके आसपास के मैदानी इलाकों से प्रकृति का एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया है। यहां के ग्रामीण इलाके में सालों बाद एक बेहद दुर्लभ और रहस्यमयी जीव दिखाई दिया है, जिसे देखते ही लोगों के होश उड़ गए। इस सांप की बनावट ऐसी है कि पहली नजर में देखने पर लगता है कि इसके आगे भी मुंह है और पीछे भी मुंह है!

इस सांप की अनोखी चाल और शारीरिक बनावट को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अनुसार, यह कोई साधारण सांप नहीं, बल्कि दुर्लभ प्रजाति का 'रेड सैंड बोआ' (Red Sand Boa) सांप है, जिसे आम बोलचाल में 'दोमुंहा सांप' भी कहा जाता है।

 

क्या सच में इस सांप के होते हैं दो मुंह? जानें वैज्ञानिक सच

ग्रामीण इलाकों में यह अंधविश्वास सदियों से फैला है कि इस सांप के दोनों सिरों पर मुंह होते हैं और यह छह महीने आगे की तरफ और छह महीने पीछे की तरफ चलता है। लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस अंधविश्वास के पीछे का असली वैज्ञानिक सच बताया है:

  • भ्रम पैदा करने वाली पूंछ: इस सांप का दूसरा मुंह नहीं होता है। दरअसल, इसकी पूंछ की बनावट बिल्कुल इसके सिर जैसी गोल और मोटी होती है।

  • शिकारियों को चकमा देने की तकनीक: जब भी कोई शिकारी या दुश्मन इस सांप पर हमला करता है, तो यह अपने असली सिर को छुपा लेता है और अपनी पूंछ को सिर की तरह उठाकर हवा में हिलाने लगता है। दुश्मन को लगता है कि यही इसका सिर है और वह भ्रमित हो जाता है। इसी रक्षात्मक व्यवहार और अनोखी चाल के कारण लोग इसे 'दोमुंहा सांप' समझने की भूल कर बैठते हैं।

करोड़ों की कीमत के अंधविश्वास ने बढ़ाया इस पर खतरा

रेड सैंड बोआ सांप पूरी तरह से गैर-जहरीला (Non-venomous) और बेहद शांत स्वभाव का जीव होता है। यह इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता और किसानों के लिए मित्र की भूमिका निभाता है क्योंकि यह खेतों में चूहों को खाकर फसलों की रक्षा करता है।

लेकिन, इस सांप के साथ कई तरह के तांत्रिक अनुष्ठान, चमत्कारी शक्तियां और गुप्त खजाने का पता लगाने जैसे अंधविश्वास जुड़े हुए हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इस बेजुबान सांप की तस्करी करोड़ों रुपये में की जाती है। रामनगर वन प्रभाग ने इस सांप को पूरी तरह सुरक्षित पाकर वापस इसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया है और लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें।

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