मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला: पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से दूर रहने के पीछे की असली वजह
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की संभावित स्थिति और उनके उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर वैश्विक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालिया रिपोर्ट्स और खुफिया इनपुट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई अपने पिता के जनाजे या सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे। इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह इजरायल द्वारा संभावित हमले का डर और ईरान के भीतर बढ़ रही आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां बताई जा रही हैं। विशेषज्ञ इसे मोजतबा के भविष्य के नेतृत्व को सुरक्षित रखने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
सुरक्षा घेरा और इजरायल का खतरा
क्षेत्रीय तनाव के बीच, मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा ईरान के सुरक्षा तंत्र के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। माना जा रहा है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद किसी भी बड़े सार्वजनिक जमावड़े या अंतिम संस्कार के दौरान हाई-प्रोफाइल टारगेट को निशाना बना सकती है। ऐसे में, मोजतबा को किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जोखिम से दूर रखने का निर्णय लिया गया है। तेहरान के सत्ता गलियारों में चर्चा है कि उन्हें एक सुरक्षित और अज्ञात स्थान पर रखा गया है, ताकि ईरान के सर्वोच्च पद की निरंतरता बनी रहे और किसी भी प्रकार के आकस्मिक हमले से बचा जा सके।
उत्तराधिकार की लड़ाई और आंतरिक स्थितियां
मोजतबा खामेनेई का पिता के अंतिम संस्कार में शामिल न होना केवल सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक निहितार्थ भी गहरे हैं। ईरान की राजनीति में उत्तराधिकार को लेकर पहले से ही खींचतान चल रही है। मोजतबा को अयातुल्ला अली खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। ऐसे में, उनकी अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि ईरान का शासन तंत्र उनकी सुरक्षा और सत्ता हस्तांतरण को लेकर कितना संवेदनशील है। जानकारों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए ईरान का खुफिया तंत्र मोजतबा को 'कवच' की तरह सुरक्षित रख रहा है ताकि सत्ता में कोई शून्यता (power vacuum) न आए।