सीजफायर के परखच्चे उड़े: डोनाल्ड ट्रंप के एक आदेश से सुलगा होर्मुज, ईरान के ठिकानों पर भारी बमबारी!
मिडिल ईस्ट (पेंटागन) से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। महीनों से चल रही शांति वार्ताओं और सीजफायर की कोशिशों को मटियामेट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा सैन्य आदेश जारी किया है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। वैश्विक व्यापार के सबसे संवेदनशील रूट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) में युद्ध की भीषण आग धधक उठी है। अमेरिकी एयरफोर्स और मित्र देशों ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण बमबारी शुरू कर दी है।
डोनाल्ड ट्रंप का वो एक आदेश और भड़क उठी जंग
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग के बाद ईरान समर्थित ठिकानों पर तत्काल और कड़े सैन्य एक्शन का हुक्म दिया। इस आदेश के मिलते ही अमेरिकी फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी और ईरान के तटीय इलाकों व होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइलों की बौछार कर दी। आसमान से बरसते बारूद ने देखते ही देखते पूरे इलाके को दहला दिया और सीजफायर के समझौते के परखच्चे उड़ा दिए।
क्यों निशाने पर आया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान इस रूट पर अपना दबदबा मानता है और हाल के दिनों में यहां अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमलों की खबरें आ रही थीं। ट्रंप प्रशासन का साफ मानना है कि ईरान की इन हरकतों से वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को बड़ा खतरा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का दावा है कि यह बमबारी आत्मरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए की गई है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी, तीसरे विश्व युद्ध का खतरा!
इस भारी बमबारी के बाद ईरान की ओर से भी बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया आई है। ईरान के शीर्ष कमांडरों ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए अमेरिका को 'भयानक अंजाम' भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस हमले का बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार है और अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ इजरायल को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका पैदा हो गई है, वहीं दुनिया पर एक और बड़े युद्ध का साया मंडराने लगा है।