चौराहों पर राम-सीता, गायत्री मंत्र से 'गुड मॉर्निंग': मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया के इस शहर में बसता है 'लिटिल इंडिया'

चौराहों पर राम-सीता, गायत्री मंत्र से 'गुड मॉर्निंग': मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया के इस शहर में बसता है 'लिटिल इंडिया'

जब बात सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश की आती है, तो जेहन में इंडोनेशिया का नाम सबसे ऊपर आता है। लेकिन इसी इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित सुराकार्ता (सोलो) शहर की कहानी बिल्कुल अलग और जादुई है। यहाँ की सुबह अज़ान के साथ-साथ लाउडस्पीकरों पर गूंजते गायत्री मंत्र से होती है। यह कोई भारत का कोना नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का वह 'लिटिल इंडिया' है जहाँ की हवाओं में आज भी सनातनी संस्कृति रची-बसी है।

चौराहों पर राम-सीता और कृष्ण-अर्जुन की चौकसी

इस शहर की सड़कों पर घूमते हुए आपको हर बड़े चौराहे पर हिंदू महाकाव्यों की झलक देखने को मिल जाएगी। कहीं भगवान राम और माता सीता की भव्य मूर्तियां शहर को आशीर्वाद देती नजर आती हैं, तो कहीं कुरुक्षेत्र के मैदान में रथ पर सवार भगवान कृष्ण और अर्जुन की विशाल कलाकृतियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। यहाँ की सरकार और स्थानीय मुस्लिम आबादी इन मूर्तियों को किसी धर्म के चश्मे से नहीं, बल्कि अपनी महान सांस्कृतिक विरासत (Heritage) के रूप में देखती है।

गायत्री मंत्र से होती है दिन की शुरुआत

यहाँ के कई स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुबह के वक्त 'ॐ भूर्भुवः स्वः' यानी गायत्री मंत्र का पाठ किया जाता है। स्थानीय लोग इसे अपनी एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का जरिया मानते हैं। इंडोनेशिया की मुद्रा (नोट) पर भगवान गणेश की तस्वीर का होना और यहाँ की राष्ट्रीय एयरलाइंस का नाम 'गरुड़' होना, इस बात का पुख्ता सबूत है कि इस देश ने अपनी जड़ों को कभी नहीं भुलाया। रामायण और महाभारत यहाँ की लोक संस्कृति और 'वायंग कुलित' (कठपुतली नाटक) का मुख्य हिस्सा हैं।

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