'कश्मीर का कोई ऐसा कब्रिस्तान नहीं, जहां पाकिस्तानी आतंकी दफन न हो' — हिजबुल कमांडर का कैमरे पर बड़ा कबूलनामा

'कश्मीर का कोई ऐसा कब्रिस्तान नहीं, जहां पाकिस्तानी आतंकी दफन न हो' — हिजबुल कमांडर का कैमरे पर बड़ा कबूलनामा

श्रीनगर/जम्मू: आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के पाखंड की अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर धज्जियां उड़ गई हैं। इस बार यह पोल किसी खुफिया एजेंसी ने नहीं, बल्कि खुद कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के एक शीर्ष कमांडर ने खोली है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में हिजबुल कमांडर कैमरे के सामने यह साफ कबूल करता नजर आ रहा है कि कश्मीर घाटी का कोई भी ऐसा कब्रिस्तान नहीं बचा है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकी दफन न हों। इस कबूलनामे ने घाटी में आतंकवाद फैलाने में पाकिस्तान की सीधी भूमिका को एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है।

कैमरे पर खुली पोल: पाकिस्तानी घुसपैठ का सबसे बड़ा सबूत

वायरल वीडियो में आतंकी कमांडर बेहद बेबाकी से यह बात स्वीकार कर रहा है कि पिछले तीन दशकों में पाकिस्तान ने कितनी बड़ी तादाद में अपने नागरिकों और आतंकियों को कश्मीर में मरने के लिए भेजा है। भारतीय सुरक्षा बलों के कड़े पहरे और लगातार चलने वाले 'ऑपरेशन ऑल आउट' के कारण मारे गए इन पाकिस्तानी आतंकियों के शवों को स्थानीय स्तर पर ही दफन किया जाता रहा है। कमांडर का यह बयान इस बात का सीधा और अकाट्य डिजिटल सबूत है कि पाकिस्तान लगातार भारतीय जमीन पर घुसपैठ और खूनखराबा कराने की साजिश रचता आ रहा है।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: टूट रही है आतंक की कमर

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वीडियो और हताशा भरे बयान तभी सामने आते हैं जब जमीन पर आतंकियों का नेटवर्क पूरी तरह बिखर चुका हो। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साझा अभियानों ने घाटी में स्थानीय और पाकिस्तानी आतंकियों के बीच के संपर्क को पूरी तरह काट दिया है। लोकल सपोर्ट न मिलने और फंडिंग के रास्ते बंद होने की वजह से अब आतंकी संगठन खुद अपनी बदहाली और भारी नुकसान की बात स्वीकार करने को मजबूर हो रहे हैं।

दिल्ली से लेकर इस्लामाबाद तक मंचा हड़कंप

इस वीडियो के सामने आने के बाद रक्षा और कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस वीडियो की टाइमलाइन और इसमें दिख रहे आतंकी की पहचान की बारीकी से जांच कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा कश्मीर में अपना हाथ होने से इनकार करने वाले पाकिस्तान के लिए यह वीडियो एक तगड़ा तमाचा है। भारत इस कबूलनामे का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को टेरर फंडिंग और आतंकवाद को बढ़ावा देने के मुद्दे पर घेरने के लिए कर सकता है।

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