जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाई-वे तीसरे दिन भी बंद, 4 हजार वाहन फंसे

खराब मौसम की वजह से श्रीनगर में हवाई सेवाएं भी लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को भी बारिश व बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाई-वे तीसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया है। करीब चार हजार वाहन राजमार्ग पर फंसे हुए हैं। जवाहर टनल के आसपास के इलाकों में मंगलवार को बर्फबारी हो रही है। इसी बीच रामबन में हुए भूस्खलन के कारण अभी राजमार्ग को फिलहाल बंद रखा गया है। खराब मौसम की वजह से श्रीनगर में हवाई सेवाएं भी लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित हैं।

jam

यातायात विभाग ने मौसम विज्ञान केंद्र की सलाह पर आज भी राजमार्ग बंद रहने की घोषणा करते हुए लोगों से अपील की है कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाई-वे पर यात्रा करने से पहले कंट्रोल रूम से राजमार्ग की पूरी जानकारी हासिल कर लें, उसके बाद ही वह राजमार्ग पर उतरें। यातायात विभाग के अनुसार मंगलवार को तीसरे दिन भी राजमार्ग बंद रहने के कारण जम्मू व श्रीगनर में करीब चार हजार वाहन राजमार्ग पर फंसे हुए हैं।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर स्थित समरोली समेत जिला में कई जगह पर भूस्खलन का मलबा और पहाड़ से पत्थर गिरने की वजह से राजमार्ग बंद है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 18 घंटों के भीतर दक्षिण कश्मीर व अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है।

भारी बारिश की वजह से रामबन जिला में नाशरी के पास स्थित डलवास इलाके में पहाड़ से कीचड़ युक्त मलबा राजमार्ग पर आ गया है। इसके अलावा डुग्गी पुरी, कैफेटेरिाय मोड़, मारोग, मगरकोट, सलाड़ सहित आठ से दस जगहों पर भारी भूस्खलन हुआ है। इसके अलावा बनिहाल में जवाहर सुरंग से नौगाम तक राजमार्ग पर बर्फ की वजह से जम्मू श्रीनगर राजमार्ग बाधित है। इसी तरह ऊधमपुर से 18 किलोमीटर दूर स्थित समरोली में भी जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर एक बड़ा पत्थर और काफी मलबा सड़क पर आ गिरा है। इस वजह से जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बाधित है। खराब मौसम में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग के आज खुलने की कोई संभावना नहीं है।

नगरोटा ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक राजमार्ग बंद होने की वजह से चार हजार से ज्यादा वाहन फंसे हुए हैं।उम्मीद है कि अगले दो दिन में रोड खुल जाएगा लेकिन ये सब मौसम पर निर्भर करता है इसलिए हम यात्रियों से अपील करते हैं कि वो अभी दो-तीन दिन तक न निकले, अगर निकलना है तो हमसे वो फोन पर सलाह लेकर ही निकले। जैसे ही मौसम साफ होगा और राजमार्ग पर फिसलन कम होगी तो सीमा सड़क संगठन की मशीनों तथा कर्मचारियों की सहायता से राजमार्ग को साफ करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। राजमार्ग साफ होते ही मार्ग पर वाहनों की आवाजाही एक बार फिर शुरू कर दी जाएगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button