'7 दिन में माफी मांगें या भुगतें कार्रवाई'... सांसद ढुलू महतो का पूर्व विधायक अरूप चटर्जी को 2 करोड़ का मानहानि नोटिस

'7 दिन में माफी मांगें या भुगतें कार्रवाई'... सांसद ढुलू महतो का पूर्व विधायक अरूप चटर्जी को 2 करोड़ का मानहानि नोटिस

झारखंड के कोयलांचल यानी धनबाद की राजनीति में एक बार फिर से भारी उबाल आ गया है। बीजेपी के कद्दावर नेता और धनबाद लोकसभा सीट से सांसद ढुलू महतो ने अपने धुर राजनीतिक विरोधी व मासस (मार्क्सवादी समन्वय समिति) के नेता और पूर्व विधायक अरूप चटर्जी के खिलाफ एक बहुत बड़ा कानूनी कदम उठाया है। सांसद ढुलू महतो ने अरूप चटर्जी द्वारा उन पर लगाए गए कथित झूठे और बेबुनियाद आरोपों को लेकर ₹2 करोड़ का मानहानि नोटिस (Defamation Notice) थमा दिया है। इस नोटिस के जरिए साफ चेतावनी दी गई है कि यदि अरूप चटर्जी ने 7 दिनों के भीतर अपने बयानों पर लिखित रूप से माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

बेबुनियाद आरोपों से छवि धूमिल करने का लगाया बड़ा आरोप

सांसद ढुलू महतो के कानूनी सलाहकार द्वारा भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि पूर्व विधायक अरूप चटर्जी पिछले लंबे समय से राजनीतिक द्वेष और व्यक्तिगत खुन्नस के कारण सांसद की सामाजिक और राजनीतिक छवि को आम जनता के बीच धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि अरूप चटर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक मंचों से ढुलू महतो पर बिना किसी पुख्ता सबूत के बेहद गंभीर और मनगढ़ंत आरोप लगाए थे। सांसद समर्थकों का कहना है कि यह उनकी बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाकर किया गया एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसे अब कानूनी तौर पर चुनौती दी जा रही है।

कोयलांचल की राजनीति में सालों पुरानी है दोनों नेताओं की अदावत

धनबाद और बाघमारा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति को करीब से जानने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि ढुलू महतो और अरूप चटर्जी के बीच की यह अदावत कोई नई नहीं है। कोयलांचल के सिंडिकेट और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर दोनों नेताओं के बीच सालों से बयानों के तीर चलते रहे हैं। लेकिन सांसद बनने के बाद ढुलू महतो के तेवर काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं। इस ₹2 करोड़ के नोटिस ने विपक्षी खेमे में भी हड़कंप मचा दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि यह मानहानि नोटिस केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विरोधियों को बैकफुट पर धकेलने की एक बड़ी रणनीतिक चाल भी हो सकती है।

7 दिन की मोहलत, कानूनी जंग के लिए तैयार दोनों खेमे

ढुलू महतो की तरफ से जारी नोटिस में यह बिल्कुल साफ कर दिया गया है कि 7 दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और मामला सीधे अदालत की चौखट पर पहुंचेगा। दूसरी ओर, पूर्व विधायक अरूप चटर्जी के खेमे से भी इस नोटिस को लेकर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, अरूप चटर्जी भी इस कानूनी लड़ाई से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं और उनके विधिक सलाहकार इस नोटिस का करारा जवाब तैयार करने में जुट गए हैं। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि 7 दिनों के बाद यह विवाद सुलझता है या कोयलांचल की यह राजनीतिक जंग अदालत के कमरों तक पहुंचती है।

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