डाकिया की घोर लापरवाही: सालभर तक घर में दबाकर रखीं हजारों चिट्ठियां, आलमारी से निकले लोगों के आधार, पैन और चेकबुक
चिट्ठियों का कबाड़खाना बना डाकिया का घर
सरकारी सिस्टम की लापरवाही और जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ का एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। एक क्षेत्र में तैनात पोस्टमैन (डाकिया) ने अपनी जिम्मेदारी को ताक पर रखते हुए पिछले एक साल से लोगों की डाक बांटना ही बंद कर दिया था। वह हर दिन डाकघर से आने वाली चिट्ठियों और पार्सलों को लोगों तक पहुंचाने के बजाय सीधे अपने घर ले जाता और उन्हें छिपाकर रख देता था। स्थानीय लोगों को जब महीनों तक अपने जरूरी कागजात नहीं मिले, तो उनका सब्र टूट गया और मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई।
तलाशी में उड़े होश, मिले महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने जब आरोपी डाकिया के घर पर अचानक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। डाकिया के घर के कमरों और आलमारियों में हजारों की तादाद में बिना बंटी हुई डाक का ढेर लगा हुआ था। इस मलबेनुमा ढेर से आम जनता के बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों के पहचान पत्र, सरकारी दस्तावेज, बैंकों की चेकबुक, एटीएम कार्ड और जरूरी रजिस्ट्री पत्र शामिल हैं, जो सालभर से धूल फांक रहे थे।
आरोपी डाकिया निलंबित, विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू
इस बेहद गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद डाक विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी डाकिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस में मामला दर्ज कराया जा रहा है। प्रशासन अब बरामद की गई सभी डाक को छांटकर जल्द से जल्द उनके सही पते और हकदार लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था में जुट गया है, ताकि जनता को हो रही परेशानियों को कम किया जा सके।