जानें क्यों, जो बिडेन के नामित NSA ने अफगान कूटनीति का समर्थन किया

सुलिवन ने कहा कि मौजूदा वक्त में ये एक अमेरिकी-तालिबान के मध्य किया गया समझौता है, जो अमरीका पर कुछ दायित्वों को लागू करता है।

अमरीका के नव निर्वाचित प्रेसिडेंट जो बिडेन के नामित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने अफगान कूटनीति का समर्थन करते हुए कहा है कि अमरीका और तालिबान के बीच फरवरी में हस्ताक्षरित डील पर अमल करने का दायित्व दोनों पक्षों का है और इसे सिर्फ बातों की बजाय़ व्यावहारिक रूप से लागू करने की जरूरत है।

Joe Biden

CNN के साथ बातचीत में सुलिवन ने कहा कि मौजूदा वक्त में ये एक अमेरिकी-तालिबान के मध्य किया गया समझौता है, जो अमरीका पर कुछ दायित्वों को लागू करता है। साथ ही ये तालिबान पर भी कुछ दायित्वों को लागू करता है।

उन्होंने कहा कि तालिबान के दायित्वों में बयानबाजी की बजाय धरातल पर अल कायदा के साथ सम्बन्ध विच्छेद करना शामिल है। ताकि हिंसा कम हो और अफगान सरकार के साथ सद्भावपूर्ण वार्ता में भागीदारी हो, क्योंकि अंततः यह तालिबान और अफगान सरकार के मध्य एक डील है। इस पर अमल हुआ तो इस शांतिपूर्ण समझौते से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा, जो अफगानिस्तान में संघर्ष का अंत है।

उन्होंने आगे कहा कि अमरीका प्रेसिडेंट जो बिडेन की अगुवाई में इन पंक्तियों के साथ कूटनीति का समर्थन करेगा। बशर्ते कि अफगानिस्तान फिर से अमरीका पर हमला करने के लिए आतंकवादियों का एक सुरक्षित ठिकाना न बने। बीते सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की टिप्पणी के कारण ट्रम्प की अफगान नीति का बचाव हुआ। उन्होंने कहा कि इससे पहले कि सभी प्रशासन तालिबान से बात करने और अमेरिकी सेना को देश से हटाने की कोशिश करें, उनके प्रशासन ने ऐसा ही किया।

अमरीका-तालिबान डील के हिस्से के रूप में तालिबान ने अल-कायदा सहित आतंकवादी समूहों के साथ अपने संबंधों में कटौती करने की कसम खाई है। हालांकि, अफगान अफसरों ने पिछले महीने दावा किया था कि तालिबान अभी भी अल-कायदा के साथ संबंध बनाए हुए है।

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