Kisan Movement: सरकार की खामोशी पर बोले राकेश टिकैत – कुछ बड़ा होने वाला है

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि 15-20 दिनों से केंद्र सरकार की खामोशी से संकेत मिल रहे हैं कि कुछ होने वाला है। सरकार किसान आंदोलन (Kisan Movement) के खिलाफ कुछ कदम उठाने की रूपरेखा बना रही है।

prabhatvaibhav desk। लगभग एक माह से किसानों और सरकार के बीच संवादहीनता की स्थिति है। आंदोलित किसान (Kisan Movement) भी समय के साथ अपनी रणनीति बदल रहे हैं। ऐसे में नए कृषि कानूनों के खिलाफ विगत तीन महीनें से भी ज्यादा समय से जारी आंदोलन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें भी उठ रही हैं। कहा जा रहा है कि किसान आंदोलन के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाने वाली है। सोमवार को किसान नेता राकेश सिंह टिकैत ने भी कहा कि पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार की खामोशी इस बात का संकेत है कि कुछ बड़ा होने वाला है।

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि 15-20 दिनों से केंद्र सरकार की खामोशी से संकेत मिल रहे हैं कि कुछ होने वाला है। सरकार किसान आंदोलन (Kisan Movement) के खिलाफ कुछ कदम उठाने की रूपरेखा बना रही है।

PM Kisan: लोकसभा में पीएम की खरी-खरी, किसान बतायें कि उनका कौन सा हक छीना गया

टिकैत ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार कसी मुगालते में न रहे। समाधान निकलने तक किसान वापस नहीं जायेंगे। किसान तैयार है। वह खेती भी देखेगा और आंदोलन (Kisan Movement) भी करेगा। सरकार को जब समय हो वार्ता कर ले। टिकैत ने कहा कि 24 मार्च तक देश में किसान महापंचायतों का दौर जारी रहेगा।

राकेश टिकैत रविवार रात उधमसिंहनगर जाते समय बिजनौर के अफजलगढ़ में मीडिया से मुखातिब थे। इस दौरान गणतंत्र दिवस पर किसानों के प्रदर्शन (Kisan Movement) के दौरान लालकिला परिसर में हुए बवाल के बारे में पूछे जाने पर टिकैत ने आरोप लगाया कि ये सारा बखेड़ा सरकार ने खड़ा किया।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा अपनी खड़ी फसल नष्ट कर देने संबंधी सवाल पर टिकैत ने कहा कि बीकेयू किसानों को बता रही है कि अभी ऐसा समय नहीं आया है, लेकिन सरकार किसानों से ऐसा कदम उठाने से रोकने के लिए अपील क्यों नहीं कर रही है।

उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन (Kisan Movement) को विस्तार देने की रणनीति के बारे में राकेश टिकैत ने कहा कि अब गेहूं की तैयार फसल आनेवाली है। अगर किसान का गेहूं एमएसपी पर नहीं खरीदा जाता है, तो सरकार जिम्मेदार होगी। एमएसपी के लिए किसान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देंगे। बताते चलें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा से शुरू हुआ किसान आंदोलन की गूंज पुरे देश में महसूस की जा रही है।

बड़ी खबर: किसान आंदोलन पर देर रात नड्डा के घर हुई बड़ी बैठक, गृह मंत्री सहित कई अन्य बड़े नेता हुए शामिल

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button