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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर सोमवार को विवाद गहरा गया। पाल समाज के लोगों ने मूर्ति से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हालात उस समय बिगड़ गए, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश में बल प्रयोग किया। कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाल समाज के लोग मणिकर्णिका घाट पर एकत्र होकर मूर्ति को दोबारा स्थापित किए जाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि यह मूर्ति उनके समाज के लिए आस्था और सम्मान का प्रतीक है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से मूर्ति को खंडित किया गया, जिससे समाज में नाराजगी फैल गई।

पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया। इस दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटें भी आईं। पुलिस की कार्रवाई के बाद एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर चौक थाने भेज दिया गया।

घटना के बाद मणिकर्णिका घाट और आसपास की गलियों में कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने घाट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।

वहीं पाल समाज के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन बिना पर्याप्त चेतावनी के कार्रवाई की गई। समाज के लोगों ने साफ किया कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।

मणिकर्णिका घाट पर हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और समाज के बीच संवाद की जरूरत को सामने ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।