म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट : अमेरिका ने दी सेना को धमकी, इन देशों ने बोली ये बात

म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट की घटना की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। भारत ने भी इस घटना पर गहरी चिंता का इजहार किया है।

नेपीडा। म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट की घटना की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। भारत ने भी इस घटना पर गहरी चिंता का इजहार किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतरेस ने भी म्यांमार के मौजूदा हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए आंग सान सू की और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की है।

Military coup in myanmar 1

गुतरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बयान जारी कर कहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतरेस देश की नेता आंग सांग सू की और राष्ट्रपति यू विन म्यिंट की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं और ये पूरा घटनाक्रम म्यांमार के लोकतांत्रिक सुधारों के लिए एक झटका है।

भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि म्यांमार की घटनाएं चिंताजनक हैं। भारत ने हमेशा ही म्यांमार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बढ़ाने का समर्थन किया है।

अमेरिका ने दी सेना को धमकी

म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट और नोबेल पुरस्‍कार विजेता आंग सांग सू की के अरेस्‍ट किए जाने पर अमेरिका ने वहां की सेना को धमकी दी है। अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर म्‍यांमार की सेना ने अपने आज के कदमों को वापस नहीं लिया तो बाइडेन प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा। इस बीच अमेरिका के राष्‍ट्रपति को भी पूरी घटना से अवगत कराया गया है। पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

राष्‍ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस की प्रवक्‍ता जेन पास्‍की ने कहा कि अमेरिका उन रिपोर्टों से चिंतित है कि म्‍यांमार की सेना ने देश के लोकतांत्रिक बदलाव को खोखला कर दिया है और आंग सांग सू की को अरेस्‍ट कर लिया है। इस घटना के बारे में राष्‍ट्रपति जो बाइडेन को राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने जानकारी दी है।

‘सेना ने कदमों को वापस नहीं लिया गया तो कड़ी कार्रवाई’

जेन पास्‍की ने कहा कि हम म्‍यांमार की लोक‍तांत्रिक ताकतों को समर्थन देते रहेंगे और सेना से अपील करेंगे कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए। अमेरिका चुनाव परिणाम को बदलने या लोकतांत्रिक बदलाव में बाधा डालने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है। उन्‍होंने चेतावनी दी कि अगर आज उठाए गए कदमों को वापस नहीं लिया गया तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। जेन ने कहा कि अमेरिका म्‍यांमार के लोगों के साथ खड़ा है और पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

देश में एक साल के लिए आपातकाल घोषित

बता दें कि एक दशक पूर्व तक तक़रीबन 50 साल सैनिक शासन देखने वाले म्यांमार में एकबार फिर सैन्य तख्तापलट हो गया है। देश की नेता आंग सांग सू की और राष्ट्रपति यू विन म्यिंट को गिरफ्तार कर देश को सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। देश में एक साल के लिए आपातकाल घोषित कर दिया गया है। पूर्व जनरल और उप राष्ट्रपति मिंट स्वे को कार्यकारी राष्ट्रपति बनाया गया है और उन्हें सैन्य प्रमुख का भी दर्जा दिया गया है।

सड़कों पर सेना की तैनाती

इस अहम घटनाक्रम के बीच किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन को सख्ती से निबटने के लिए सड़कों पर सेना की तैनाती कर दी गयी है और तमाम तरह के संचार माध्यामों को बंद कर दिया गया है।

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