MP: पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने की पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की हिमायत

जयवर्धनसिंह ने कहा कि पूर्व की कमलनाथ सरकार में पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन कानून को बनाने के लिए कार्य शुरू किया गया, लेकिन बाद में सरकार गिर गई और कानून मूर्तरूप नहीें ले सका।

उज्जैन।। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांगेस विधायक जयवर्धनसिंह ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट प्रदेश में लागू करने की हिमायत की और इस मांग को सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाने का आश्वासन दिया। वे रविवार को नागदा में पत्रकारों के जिला समागम समारोह में बोल रहे थे। यह आयोजन प्रेस क्लब के तत्वावधन में हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार मौजूद थे।

इस मौके पर जयवर्धनसिंह ने कहा कि पूर्व की कमलनाथ सरकार में पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन कानून को बनाने के लिए कार्य शुरू किया गया, लेकिन बाद में सरकार गिर गई और कानून मूर्तरूप नहीें ले सका। उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि इस एक्ट पर कार्यवाही के लिए वे सरकार के समक्ष अब मांग रखेंगे। प्रेस क्लब नागदा के भवन के लिए भूमि आवंटन की मांग को उन्होंने गभीरता से लिया। उज्जैन कलेक्टर आशीषसिंह से आज ही बात करने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर नागदा को जिला बनाने की मांग विधानसभा में उठाने की बात भी कही। समारोह में आमंत्रित प्रविष्टियों के आधार पर पत्रकारिता प्रतियोगिता के विजेता कलमकारों अतिथियों ने पुरस्कृत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक दिलीसिंह गुर्जर ने की। बतौर विशेष अतिथि मप्र असंगठित कामगार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत ने शिरकत की। मप्र शासन पूर्व कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त शेखावत ने पत्रकारों के कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रेस क्लब नागदा के अध्यक्ष राजेश रघुवंशी एवं सचिव दीपक चौहान भी मंचासीन थे।

पत्रकारों के लिए मांगपत्र–

पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष सलीम खान ने पत्रकारों से सबंधित अतिथियों को सौंपे गए मांगपत्र पत्र का वाचन किया। मांगपत्र में प्रदेश में पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट बनाने, आंचलिक क्षेत्रों में मप्र शासन पत्रकारिता अधिमान्यता योजना के नियमों में शिथिलीकरण तथा अधिमान्यता चयन समिति में ग्रामीण पत्रकारों को प्रतिनिधितत्व देने की मांग रखी। पत्रकारों को जलकर एवं अन्य टैक्सों में रियायत देने की मांग भी मांगपत्र में शामिल है।

पत्रकारिता में कुछ नया करने की आवश्यकता–

समारोह में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार अर्जुनसिंह चंदेन ने बदलते परिवेेश में पत्रकारिता में चुनौतिया विषय पर संबोधन दिया। उन्होंने पत्रकारिता के अतीत को याद करते हुए वर्तमान समय में पत्रकारिता में कुछ नया करने का आव्हान किया। वे कहा कि पत्रकारिता में अब कुछ नया करने की आवश्यकता है। अन्यथा पत्रकारिता के इस संक्रमणकाल में पत्रकार अपने अस्तित्व को खो देंगे। जनता का विश्वास नए सिरे से पत्रकारों को जीतने की आवश्यकता है। पूर्व कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त शेखावत ने पत्रकारों के कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

विजेता पत्रकारों को पुरस्कृत किया–

समारोह में प्रविष्टियों के आधार पर उत्कृट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार इसरार कुरैशी उन्हेल को 5100 रुपये से नवाजा गया। यह पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार कैलाश सनोलिया के सौजन्य से भेंट किया गया। द्वितीय पुरस्कार स्वस्तिक चौधरी महिदपुर को 3100 की सम्मान राशि का भेंट की। यह पुरस्कार दिवंगत पत्रकार प्रकाश मेहता की स्मृति में उनके पुत्र प्रशांत मेहता के सौजन्य से दिया गया। तृतीय पुरस्कार अजय राठौर बडऩगर को 2100 रुपये से नवाजा गया। यह पुरस्कार दिवंगत पत्रकार स्वं अब्दुलखलील खान की याद में उनके पत्रकार पुत्र सलीमखान के सौजन्य से भेट किया। चतुर्थ पुरस्कार श्यामपुरोहित रूनिजा को 1100 रुपये पत्रकार सुरेश रघुवंशी के सौजन्य से तथा पंचम अवॉर्ड तन्मय खंडूजा महिदपूर को पत्रकार अतुल उपाध्याय के सौजन्य से दिया गया।

समारोह में इनका सम्मान–

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियत का सम्मान किया गया। कोरोनाकाल में अविस्मरणीय योगदान के लिए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. कमल सौलंकी, रचनात्मक कार्य के लिए अभय चौपड़ा, शिक्षा में धर्मेद्र गुप्ता तथा पत्रकारिता के लिए कैलाश सनोलिया का अतिथियों ने सम्मान किया। थाना प्रभारी श्याम सुंदर शर्मा का नाम भी सम्मान में शामिल था। समारोह में उपस्थित एसडीएम आशुतोष गोस्वामी का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया।

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