ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: गूगल ने प्ले स्टोर से हटाए खतरनाक 'किल-स्विच' ऐप्स

ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: गूगल ने प्ले स्टोर से हटाए खतरनाक 'किल-स्विच' ऐप्स

ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और निजता को खतरे में डालने वाले ऐप्स पर गूगल ने बड़ी कार्रवाई की है। चलते ई-रिक्शा को रिमोट के जरिए बंद करने वाले ऐप्स (जो अक्सर लोन डिफॉल्ट होने पर चालकों को परेशान करने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गूगल ने इन्हें प्ले स्टोर से हटा दिया है। इसमें मुख्य रूप से BAT और BMS जैसे चर्चित ऐप्स शामिल हैं। यह फैसला उन हजारों चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो इन ऐप्स की वजह से सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर थे।

क्या था इन ऐप्स का खतरनाक खेल?

ये ऐप्स फाइनेंस कंपनियों द्वारा ई-रिक्शा खरीदने वाले ग्राहकों को दिए जाते थे। यदि चालक समय पर ईएमआई (EMI) नहीं चुका पाता था, तो ये ऐप्स 'किल-स्विच' (Kill-switch) की तरह काम करते थे। इसके जरिए फाइनेंस कंपनी चलती गाड़ी को कहीं भी और कभी भी बंद कर सकती थी। सड़क पर चलते वाहन का अचानक बंद हो जाना न केवल चालक के लिए जानलेवा साबित हो सकता था, बल्कि पीछे से आ रहे अन्य वाहनों के कारण बड़े सड़क हादसों का कारण भी बन रहा था। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के पास लगातार इन ऐप्स की मनमानी को लेकर शिकायतें पहुंच रही थीं।

सरकार और गूगल का कड़ा एक्शन

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की गाइडलाइंस और सुरक्षा ऑडिट के बाद गूगल ने इन ऐप्स की नीतियों की समीक्षा की। प्ले स्टोर की 'सुरक्षित और विश्वसनीय' (Safe and Trusted) नीतियों का उल्लंघन पाए जाने के बाद BAT और BMS समेत कई अन्य संदिग्ध ऐप्स को तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जानकारों का कहना है कि किसी की निजी संपत्ति और सुरक्षा को इस तरह रिमोट के जरिए नियंत्रित करना न केवल अनैतिक है, बल्कि साइबर कानून और उपभोक्ता अधिकारों का भी गंभीर उल्लंघन है।

चालकों के लिए अब आगे क्या?

इन ऐप्स के हटने से ई-रिक्शा फाइनेंस सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अब फाइनेंस कंपनियों को वसूली के लिए कानून सम्मत तरीकों का ही सहारा लेना होगा। साथ ही, चालकों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी ऐसे ऐप को अपने फोन में इंस्टॉल न करें जो गाड़ी को नियंत्रित करने का दावा करता हो। यदि कोई फाइनेंस कंपनी अभी भी किसी अन्य थर्ड-पार्टी ऐप के जरिए गाड़ी को जबरन बंद करने की धमकी देती है, तो चालक तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

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