ब्रिक्स सम्मेलन के लिए किले में तब्दील हुई दिल्ली: 100 गाड़ियों का बुलेटप्रूफ काफिला और NSG कमांडो का कड़ा पहरा

ब्रिक्स सम्मेलन के लिए किले में तब्दील हुई दिल्ली: 100 गाड़ियों का बुलेटप्रूफ काफिला और NSG कमांडो का कड़ा पहरा

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मानचित्र पर एक बार फिर भारत की राजधानी नई दिल्ली वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में आ चुकी है, क्योंकि देश की सरजमीं पर एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। दुनिया के तमाम दिग्गज नेताओं, राष्ट्रप्रमुखों और कूटनीतिक दिग्गजों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के ऐसे कड़े और अभेद्य इंतजाम किए गए हैं कि पूरी दिल्ली को एक किले में तब्दील कर दिया गया है। मेहमाननवाज़ी के साथ-साथ देश की संप्रभुता और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एयरपोर्ट से लेकर होटल और सम्मेलन स्थल तक सुरक्षा का ऐसा ताना-बाना बुना गया है जिसमें परिंदा भी पर न मार सके। अत्याधुनिक हथियारों से लैस राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी (NSG) कमांडो, पैरामिलिट्री फोर्स और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की निगरानी में पूरे शहर को छावनी बना दिया गया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के वीवीआईपी मेहमानों के लिए विशेष रूप से तैयार 100 से अधिक गाड़ियों का अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ काफिला सड़कों पर उतरेगा, जो इस आयोजन के भव्य और बेहद संवेदनशील स्वरूप को स्पष्ट रूप से बयां करता है।

अभेद्य सुरक्षा का चक्रव्यूह: एनएसजी कमांडो और आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बल

किसी भी अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है, और इस बार ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के चक्रव्यूह को ऐसा अमलीजामा पहनाया है जो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। सम्मेलन स्थल के आसपास के पूरे इलाके को एसपीजी (SPG), एनएसजी (NSG) और कमांडो बटालियनों ने अपने कड़े घेरे में ले लिया है। ऊंची इमारतों की छतों पर स्नाइपर्स (Snipers) को तैनात किया गया है, जो हर एक संदिग्ध गतिविधि पर दूरबीन और आधुनिक राइफलों के जरिए पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, किसी भी संभावित हवाई खतरे से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और अत्याधुनिक सर्विलांस रडार को भी सक्रिय कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के हजारों जवानों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है ताकि शहर के भीतर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या व्यवधान से पूरी मुस्तैदी से निपटा जा सके।

100 गाड़ियों का वीवीआईपी काफिला और यातायात नियंत्रण की अनूठी व्यवस्था

विदेशी मेहमानों के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक मैनेजमेंट का एक बेहद चाक-चौबंद और आधुनिक प्लान तैयार किया है। ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले विभिन्न देशों के नेताओं के मूवमेंट के दौरान लगभग 100 से अधिक लग्जरी और बुलेटप्रूफ गाड़ियों का विशाल काफिला जब सड़कों पर निकलेगा, तो सुरक्षा के मानकों के तहत पूरे रूट को कुछ समय के लिए ट्रैफिक फ्री कर दिया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों (Alternative Routes) की व्यापक जानकारी पहले ही जारी कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर हर एक मूवमेंट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आधुनिक ट्रैफिक कमांड सेंटर्स के जरिए सीसीटीवी कैमरों से पूरे शहर की पल-पल की अपडेट ली जा रही है ताकि काफिले की सुरक्षा में जरा सी भी चूक या कोताही न बरती जा सके।

वैश्विक कूटनीति और भारत की बढ़ती साख का गवाह बनता यह महासम्मेलन

ब्रिक्स जैसे प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संगठन का यह सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से एक बहुत बड़ी सफलता और मील का पत्थर माना जा रहा है। दुनिया की उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले इस समूह के जरिए भारत वैश्विक मंच पर एक बार फिर 'विश्व मित्र' और मजबूत नेता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। ऐसे समय में जब दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताएं अपनी चरम सीमा पर हैं, दिल्ली में हो रही यह बैठक आपसी सहयोग, बहुपक्षीय व्यापार, और वैश्विक शांति के नए रास्ते तलाशने में अहम भूमिका निभाएगी। विदेशी मीडिया और वैश्विक विश्लेषकों की निगाहें इस सम्मेलन में होने वाले फैसलों और समझौतों पर टिकी हुई हैं। भारत ने यह साबित कर दिया है कि वह न केवल इस तरह के विशाल अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने में पूरी तरह सक्षम है, बल्कि वह अपने अतिथियों को दुनिया की सबसे बेहतरीन और सुरक्षित व्यवस्था देने का माद्दा भी रखता है।

बहुस्तरीय सुरक्षा और नागरिकों के सहयोग से सफल होता यह ऐतिहासिक आयोजन

इस तरह के महाआयोजनों के दौरान जहां एक तरफ सुरक्षा के कड़े पहरे के कारण आम जनजीवन में थोड़ी बहुत पाबंदियां जरूर आती हैं, वहीं दिल्ली की जनता ने भी पूरी परिपक्वता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया है। सुरक्षा एजेंसियों की यह बहुस्तरीय व्यवस्था (Multi-tier Security) इस बात का प्रतीक है कि भारत अपनी सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। सम्मेलन के समापन तक यह सुरक्षा घेरा इसी तरह पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहेगा ताकि सभी विदेशी मेहमान सुरक्षित माहौल में अपनी बैठकों को पूरा कर सकें। ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन के साथ ही एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने भारत की सुरक्षा क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और आतिथ्य सत्कार की एक बेमिसाल और शानदार तस्वीर पूरी दुनिया के सामने उभरकर आएगी।

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