बाबा साहेब अंबेडकर की 130वीं जयंती के उपलक्ष पर, श्रद्धापूर्वक दी गयी श्रद्धंजलि

गिरिराज सिंह ने कहा है कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर भारत रत्न, न्यायशास्त्री, संविधान शिल्पी एवं समरसता प्रतीक थे।

बेगूसराय।। भारतीय संविधान के निर्माता, भारत रत्न, शोषित और वंचितों के मसीहा, कुशल राजनीतिक और शिक्षाविद बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 130 वीं जयंती पर बुधवार को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। बेगूसराय में विभिन्न संगठनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जा रहा है। स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से डॉ. अंबेडकर को याद किया है।

गिरिराज सिंह ने कहा है कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर भारत रत्न, न्यायशास्त्री, संविधान शिल्पी एवं समरसता प्रतीक थे। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। भाजपा मीडिया सेल के प्रदेश संयोजक विधायक कुंदन कुमार ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि जीवनपर्यंत समाज के वंचितों और शोषितों के उत्थान के लिए समर्पित रहने वाले भारतीय संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को कोटि-कोटि नमन।

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और कम्युनिस्ट नेता डॉ. कन्हैया कुमार ने भी बाबा साहब को उनकी जयंती पर श्रद्धा पूर्वक याद किया है। कन्हैया ने कहा है कि इस देश में अगर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का संविधान नहीं होता, तो देश में पब्लिक एजुकेशन पर पैसा खर्च नहीं होता। संविधान किसी एक जाति या किसी धर्म के लिए नहीं है, यह संविधान इस देश के लिए है और देश, देश के लोगों से बनता है। संविधान लोगों के हक और अधिकार के लिए है न्याय और बराबरी के लिए है। हम सब की जिम्मेवारी और कर्त्तव्य है कि संविधान की रक्षा करें।

प्रशासनिक स्तर पर जिला मुख्यालय के अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर वरीय उप समाहर्ता सुनंदा कुमारी, डीपीओ राजकमल, उपमहापौर राजीव रंजन, पूर्व महापौर आलोक अग्रवाल एवं जदयू नेता मो. जुल्फिकार समेत बड़ी संख्या में लोगों ने माल्यार्पण किया। शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति के तत्वाधान में सर्वोदय नगर में शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जयंती समारोह आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर बीसवीं सदी के महान समाज सुधारक थे। उन्होंने सत्ता में नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के लिए आवाज उठाई। रूढ़िवाद के खिलाफ जो आंदोलन चलाया था उसे आगे बढ़ाना होगा।

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