Modi Cabinet में मंत्री है बेटा, माता-पिता करते है खेतों में मजदूरी

हम बात कर रहे हैं बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष रहे एल मुरुगन की, जिन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया।

नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल (Modi Cabinet) में दो सप्ताह पहले फेरबदल और विस्तार किया। इस दौरान 43 नए मंत्रियों ने शपथ ली। इसमें एक ऐसा नाम भी शामिल है जिनके माता-पिता आज भी सादिगी भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं और उन्होंने अपना कामकाज नहीं छोड़ा। देश में जहां एक तरह किसानों का मुद्दा गूंज रहा है वहीं दूसरी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री के माता-पिता खेतों में मेहनत कर रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष रहे एल मुरुगन की, जिन्हें मोदी मंत्रिमंडल (Modi Cabinet) में जगह मिली और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया। इन दिनों 44 साल के एल मुरुगन अपने माता-पिता की सादगी की वजह से सुर्खियों में छाए हुए हैं। उनके माता-पिता को बेटे पर गर्व तो है लेकिन वो अपनी खुद को जिन्दगी सादगी के साथ जीने में यकीन करते हैं और वो जी भी रहे हैं।

लाल रंग की साड़ी उसके ऊपर सफेद रंग की कमीज और सर पर लाल साफी बाधे हुए वरुदम्‍मल एक आम महिला की तरह अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनके पति भी पास ही के एक खेत को समतल करने का काम कर रहे हैं। पहली नजर में दोनों को देखकर यह बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता है कि वो एक केंद्रीय राज्यमंत्री (Modi Cabinet) के माता-पिता हैं।

खेतों में पसीना बहाकर मेहनत की रोटी खाने वाले एल वरुदम्मल और 68 साल के लोगनाथन को कमाकर रोटी खाना अच्छा लगता है। रिपोर्ट के मुताबिक एल मुरुगन के परिजनों से बात करने के लिए पत्रकारों को खेत के मालिक से अनुमति लेनी पड़ी। जिसके बाद केंद्रीय राज्य मंत्री (Modi Cabinet) के माता-पिता ने कहा कि हमें गर्व है कि उनके बेटे को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली लेकिन उन्होंने इसका श्रेय लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने उसके कॅरियर के लिए कुछ नहीं किया।

अरुणथातियार समुदाय से आते हैं माता-पिता (Modi Cabinet)–

तमिलनाडु की भाजपा इकाई के अध्यक्ष रहे एल मुरुगन के माता-पिता दलित हैं और वह अरुणथातियार समुदाय से आते हैं। नमक्कल ज़िले में इनका छोटा सा आसियाना है। इन्हें जो भी काम मिलता है, उसे बड़ी मेहनत और इमानदारी के साथ पूरा करते हैं। कभी खेतों में तो कभी कुली के तौर पर काम करने से पीछे नहीं हटते हैं। (Modi Cabinet)

रिपोर्ट के मुताबिक जब एल मुरुगन के परिजनों को उनके पड़ोसियों से बेटे के केंद्रीय राज्यमंत्री (Modi Cabinet) बनने की खबर मिली तब वह खेतों में काम कर रहे थे और बेटे की कामयाबी की खबर मिलने के बावजूद अपने काम को छोड़ा नहीं। उसे करते रहे।

माता-पिता ने किया था स्वागत (Modi Cabinet)–

जब एल मुरुगन को तमिलनाडु की बीजेपी इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था तब वह बड़ी धूमधाम से अपने काफिले के साथ कोनूर पहुंचे थे। इस दौरान उनके माता-पिता ने उनका स्वागत किया था। अपने बेटे पर उन्हें गर्व है लेकिन वह अपना जीवन अपने मुताबिक जीने में यकीन करते हैं। पांच साल पहले जब उनके छोटे बेटे का निधन हो गया तो उन्होंने अपनी बहू और उनके बच्चों की देखभाल का भी जिम्मा खुद ही उठाया। (Modi Cabinet)

बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे लेने पड़े थे उधार–

एल मुरुगन के माता-पिता ने बताया कि बेटा पहले से ही पढ़ाई-लिखाई में होशियार था। उन्होंने सरकारी स्कूलों में अपनी शिक्षा पूरी की और फिर चेन्नई के अंबेडकर लॉ कॉलेज में कानून की पढ़ाई करने चले गए। इस दौरान मुरुगन के पिता लोगनाथन को उनकी पढ़ाई के लिए दोस्तों और परिचितों से पैसे उधार लेने पड़े थे। (Modi Cabinet)

रिपोर्ट के मुताबिक मां एल वरुदम्मल ने बताया कि बेटा हमेशा साथ रहने को कहता था। हम एक बार ब्लू मून में गए थे और वहां पर चार दिन उसके साथ रहे। हम उनकी व्यस्त जीवन शैली में फिट नहीं हो सके और हमने कोनूर लौटना पसंद किया। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद बेटे ने फोन किया था। तब हमने उससे पूछा था कि क्या यह पद भाजपा की प्रदेश इकाई से भी बेहतर है। खेत के मालिक ने बताया कि एल मुरुगन के केंद्रीय मंत्री (Modi Cabinet) बनने के बाद भी दंपति के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।

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