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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय राजनीति के क्षितिज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी लकीर खींच दी है, जिसे पार करना भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। पीएम मोदी अब भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर) सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्विवाद नेता बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सबसे गौरवशाली बात यह है कि 24 वर्षों के इस लंबे सफर में उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है।

पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड टूटा, मोदी बने 'अजेय'

22 मार्च 2026 की शाम भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नए कीर्तिमान की गवाह बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 8,931 दिनों तक सत्ता के शीर्ष पर सेवा करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले यह कीर्तिमान सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नाम था, जिन्होंने 8,930 दिनों तक शासन किया था। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में तीन सफल कार्यकाल और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन जीत (2014, 2019 और 2024) मोदी के अविश्वसनीय राजनीतिक कौशल और जनसमर्थन की तस्दीक करती हैं।

अमित शाह की दहाड़: "मोदी युग ने बदल दिया भारत का स्वरूप"

इस स्वर्णिम अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर भावुक और ओजस्वी पोस्ट साझा की। शाह ने लिखा, "मोदी जी की दशकों लंबी सेवा ने अपने आप में एक नए युग का सृजन किया है। चाहे गरीबों को उनके अधिकार दिलाना हो या विकास की नई ऊंचाइयों को छूना, मोदी युग ने भारत के स्वरूप और वैश्विक प्रतिष्ठा को पूरी तरह बदल दिया है।" गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि 24 वर्षों तक बिना किसी विश्राम के राष्ट्र सेवा में जुटे रहना प्रधानमंत्री के अटूट समर्पण और निष्ठा का प्रमाण है।

"बिना छुट्टी लिए 24 वर्षों तक निरंतर काम करना, नए भारत के निर्माण के प्रति उनके अडिग संकल्प का जीता-जागता उदाहरण है।" — अमित शाह

डिजिटल दुनिया के भी 'बेताज बादशाह' हैं पीएम मोदी

रिकॉर्ड सिर्फ सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया की दुनिया में भी पीएम मोदी का डंका बज रहा है। मार्च 2026 तक उनके यूट्यूब सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 करोड़ को पार कर गई है, जबकि इंस्टाग्राम पर उन्हें 10 करोड़ से अधिक लोग फॉलो करते हैं। वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता बनकर उभरे हैं, जिनका प्रभाव देश की सीमाओं के पार सात समंदर पार तक फैला हुआ है।

आजादी के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री का विजय रथ

प्रधानमंत्री मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ है। उनकी इस उपलब्धि को 'नए भारत' के उदय के रूप में देखा जा रहा है। अमित शाह के अनुसार, तीन बार मुख्यमंत्री और तीन बार प्रधानमंत्री चुना जाना यह दर्शाता है कि जनता का विश्वास उन पर कम होने के बजाय समय के साथ और भी गहरा होता जा रहा है।