‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन बनी नशा विरोधी अभियान की पहचान, ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के पहले 500 दिन में 68,850 से अधिक तस्कर अरेस्ट!

‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन बनी नशा विरोधी अभियान की पहचान, ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के पहले 500 दिन में 68,850 से अधिक तस्कर अरेस्ट!

पंजाब को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा शुरू की गई मुहिम रंग लाती दिख रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ (War Against Drugs) अभियान ने अपने शुरुआती 500 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस अवधि के दौरान पंजाब पुलिस ने नशा तस्करों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 68,850 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे अभियान को जमीनी स्तर पर कामयाब बनाने और जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने में पंजाब पुलिस की विशेष ‘सेफ पंजाब’ (Safe Punjab) हेल्पलाइन सबसे बड़ा और अचूक हथियार साबित हुई है।

‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन: डर और झिझक के बिना जनता दे रही है जानकारी

नशा विरोधी इस मुहिम में आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी को मिटाने के लिए ‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन नंबर (112 / विशेष ड्रग हेल्पलाइन) की शुरुआत की गई थी। इस हेल्पलाइन की सबसे खास बात यह है कि इस पर जानकारी देने वाले नागरिक की पहचान को पूरी तरह से गुप्त (100% Confidential) रखा जाता है। यही वजह है कि राज्य के गांवों और शहरों से आम लोग बिना किसी डर के नशा बेचने वालों और उनके ठिकाने की सटीक जानकारी सीधे पुलिस हेडक्वार्टर तक पहुंचा रहे हैं। इसी जन-सहयोग के दम पर पुलिस हर रोज बड़े रैकेट का भंडाफोड़ कर रही है।

500 दिनों के महासंग्राम की 3 सबसे बड़ी रणनीतिक सफलताएं

पंजाब पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 500 दिनों में नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए त्रिस्तरीय (Three-Tier) रणनीति पर काम किया गया है:

 

1.रिकॉर्ड गिरफ्तारियां और जब्ती:रणनीति 1.

500 दिनों के भीतर 68,850 से अधिक छोटे-बड़े नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और स्थानीय ठिकानों से भारी मात्रा में हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, और करोड़ों रुपए की ड्रग मनी जब्त की गई है।

2.तस्करों की संपत्तियां कुर्क:रणनीति 2.

ड्रग्स के कारोबार से अकूत काली कमाई करने वाले बड़े तस्करों पर नकेल कसने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को फ्रीज और कुर्क (Property Forfeiture) करने की कार्रवाई तेज की गई है, जिससे माफिया की आर्थिक कमर टूट चुकी है।

3.पुनर्वास और ओओएटी (OOAT) क्लीनिक:रणनीति 3.

सरकार केवल तस्करों को पकड़ ही नहीं रही, बल्कि नशे की दलदल में फंसे युवाओं के इलाज के लिए ओओएटी (OOAT) क्लीनिक और नशामुक्ति केंद्रों का जाल बिछाया गया है, ताकि भटके हुए युवाओं को दोबारा मुख्यधारा में लाया जा सके।

 

‘नशा मुक्त पंजाब’ के संकल्प की ओर बढ़ते कदम

पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने बताया कि सीमा पार (Cross-Border) से ड्रोन के जरिए होने वाली ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में विशेष विलेज डिफेंस कमेटियों (VDCs) का गठन भी किया गया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने राज्य के युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे ‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन का अधिक से अधिक उपयोग करें और पंजाब के सुनहरे भविष्य को सुरक्षित बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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