झालावाड़, करौली और सवाई माधोपुर में स्कूलों में लगा ताला, जिला प्रशासन का बड़ा फैसला

झालावाड़, करौली और सवाई माधोपुर में स्कूलों में लगा ताला, जिला प्रशासन का बड़ा फैसला

राजस्थान के विभिन्न जिलों में पिछले कई दिनों से जारी मानसूनी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसके चलते बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य के कई हिस्सों में भारी प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। मौसम विभाग द्वारा लगातार जारी की जा रही चेतावनी और नदियों-नालों के उफान पर होने के कारण झालावाड़, करौली, सवाई माधोपुर और धौलपुर जिलों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर इन जिलों के जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से स्कूलों में अवकाश घोषित करने के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे अभिभावकों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। धौलपुर जिले में तो स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में पूरी तरह से छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, रास्तों का अवरुद्ध होना और कई जगहों पर संपर्क कटने जैसी समस्याओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, और प्रशासन लगातार हालातों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

झालावाड़ में मूसलाधार बारिश का तांडव: स्कूलों में अवकाश घोषित, निचले इलाकों में भरा पानी और बिगड़े हालात

झालावाड़ जिले में पिछले चौबीस घंटों से हो रही लगातार और तेज बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से थम सा गया है। जिले के कई हिस्सों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जिसके कारण ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटने की कगार पर पहुंच गया है। इस खतरनाक मौसम और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुबह के समय जब बच्चे स्कूल के लिए निकलते हैं, तो उन्हें किसी भी प्रकार के उफनते रास्तों या जलभराव का सामना न करना पड़े। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बार मानसून का यह रूप पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जिससे खेतों से लेकर शहर की सड़कों तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और बच्चों को पूरी तरह से सुरक्षित अपने घरों के भीतर ही रखें।

करौली और सवाई माधोपुर में भी बिगड़ा मौसम का मिजाज: बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम

करौली और सवाई माधोपुर जिलों में भी बादलों ने अपना डेरा इस कदर जमाया है कि रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश ने हर तरफ पानी ही पानी कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ऑरेंज और रेड अलर्ट के बाद से ही प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार बैठा है। खराब मौसम और लगातार रास्ते अवरुद्ध होने की खबरों के बीच स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता मानते हुए करौली और सवाई माधोपुर के जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी के आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए हैं। कई जगहों पर स्कूलों के रास्तों में पानी भरने और जलभराव के कारण बच्चों का आवागमन असंभव सा हो गया था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक मौसम पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता और हालात नियंत्रण में नहीं आ जाते, तब तक बच्चों की पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से या बाद में मैनेज करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

धौलपुर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद: जिला कलक्टर के सख्त निर्देश, लगातार मॉनिटरिंग जारी

धौलपुर जिले में मानसून की सक्रियता और लगातार हो रही बारिश के विकराल रूप को देखते हुए जिला कलक्टर ने एक बहुत ही कड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। धौलपुर में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी विद्यालयों में आगामी आदेशों तक पूर्ण अवकाश घोषित कर दिया गया है ताकि किसी भी स्कूल जाने वाले छात्र को भारी बारिश या बाढ़ जैसे हालातों का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन के इस निर्णय का सभी अभिभावकों ने स्वागत किया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण स्कूल आने-जाने वाले रास्तों पर भारी पानी भर गया था और करंट या अन्य हादसों का डर बना हुआ था। आपदा प्रबंधन और राहत टीमों को भी धौलपुर जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है ताकि जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अभी कुछ और दिनों तक इस मानसूनी सिस्टम का असर बना रह सकता है, इसलिए सभी नागरिकों और विद्यार्थियों को पूरी तरह से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

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