पांचना बांध विवाद का ऐतिहासिक समाधान: 20 साल बाद नहरों और गंभीर नदी तक पहुँचा पानी, करौली में शांति के लिए प्रशासन सख्त
राजस्थान के करौली जिले में पिछले दो दशकों से चला आ रहा पांचना बांध जल विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। सरकार, प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बनी आपसी सहमति से इस ऐतिहासिक गतिरोध का पटाक्षेप हुआ है। इस समाधान के बाद अब पांचना बांध की नहरों, गंभीर नदी और गुड़ला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए पानी की निकासी शुरू कर दी गई है, जिससे हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
20 साल पुराना महासंग्राम और शांतिपूर्ण समाधान
पांचना बांध का पानी किसके हिस्से में जाए, इसे लेकर कमांड एरिया के किसानों और कैचमेंट एरिया के ग्रामीणों के बीच 20 वर्षों से खींचतान चल रही थी। यह मुद्दा समय-समय पर आंदोलनों और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र रहा। हाल ही में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की विशेष पहल पर तीन वरिष्ठ मंत्रियों, जिनमें डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, सुरेश रावत और जवाहर सिंह बेढम शामिल थे, की मैराथन बैठकों के बाद दोनों पक्षों ने एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसी ऐतिहासिक समझौते के चलते 6 जुलाई को बांध के गेट खोलकर पानी की आपूर्ति शुरू की गई।
करौली में प्रशासन अलर्ट, इंटरनेट सेवाएं बंद
विवाद का समाधान होने के बावजूद, क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक और भड़काऊ जानकारी फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों को देखते हुए करौली जिले में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बांध विवाद का समाधान हो चुका है और आमजन किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की अपील
कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक वीडियो संदेश जारी कर आमजन और आंदोलनरत किसानों से शांति, संयम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और सरकार सभी पक्षों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।