Aaj Ka Panchang: आज चतुर्दशी के बाद शुरू होगी अमावस्या तिथि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang: आज चतुर्दशी के बाद शुरू होगी अमावस्या तिथि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

सनातन धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि इसके जरिए ही हम दिन के शुभ और अशुभ समय का सटीक आकलन करते हैं। आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार, आज चतुर्दशी तिथि समाप्त होने के बाद अमावस्या तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। इस विशेष तिथि परिवर्तन की वजह से आज स्नान-दान, पूजा-पाठ और पितरों के तर्पण के लिए एक बेहद ही उत्तम संयोग बन रहा है। यदि आप भी आज कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या धार्मिक अनुष्ठान करने जा रहे हैं, तो आज के नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

आज की तिथि, नक्षत्र और महत्वपूर्ण योग

आज दिन की शुरुआत चतुर्दशी तिथि के साथ हो रही है, जो दोपहर या शाम के एक निश्चित समय तक रहेगी और उसके तुरंत बाद अमावस्या तिथि लग जाएगी। आज के नक्षत्र की बात करें तो आकाशमंडल में विशेष नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो जातकों के मानसिक और आध्यात्मिक झुकाव को बढ़ाएगा। इसके साथ ही पंचांग में आज एक बेहद शुभ और कल्याणकारी योग का निर्माण हो रहा है। इस योग में की गई पूजा और मंत्र जाप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस दिन का हर पल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है।

आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

किसी भी मांगलिक या नए कार्य को शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्त (जैसे अभिजीत मुहूर्त) का ध्यान रखना बेहद आवश्यक माना जाता है। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय रहेगा, जिसमें आप अपने जरूरी और शुभ काम निपटा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को सबसे अशुभ समय माना गया है, जिसमें कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। आज का राहुकाल का समय दोपहर के एक विशेष भाग में रहेगा। इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण डील या यात्रा पर निकलने से पहले राहुकाल के समय को जरूर नोट कर लें।

अमावस्या तिथि शुरू होने पर क्या करें और क्या न करें?

जैसे ही आज चतुर्दशी तिथि के बाद अमावस्या तिथि का प्रवेश होगा, धार्मिक और तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व बढ़ जाएगा। इस पावन समय में पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल में काले तिल मिलाकर तर्पण करना सबसे उत्तम फलदायी माना गया है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार और दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। ध्यान रखें कि अमावस्या तिथि के दौरान किसी भी वाद-विवाद से दूर रहें, तामसिक भोजन का त्याग करें और जितना हो सके भगवान विष्णु और शिव जी के मंत्रों का मानसिक जाप करें।

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