देश में 03 मई से 20 मई तक पूर्ण लॉकडाउन की अफवाहें, आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ी

lucknow। देश में कोरोना संकट गहराता ही जा रहा है। हर रोज कोरोना संक्रमण के रिकॉर्डतोड़ मामले सामने आ रहे हैं। बड़ी तादाद में मौतें भी हो रही हैं। इन हालातों में देश में एक बार फिर से देश में पूर्ण लॉकडाउन की अफवाहें तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया में इसे लेकर तमाम मैसेज वायरल हो रहे हैं, जिनमे 03 मई से 20 मई के बीच पूर्ण लॉकडाउन की बातें कही जा रही हैं। मोबाइल फोन पर आपसी बातचीत में भी लोग इसकी चर्चा रहे हैं। तमाम लोग आवश्यक वस्तुओं को संग्रह करने लगे हैं। हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से इस बारे में अभी तक किसी तरह की घोषणा नहीं की गई है।

देशव्यापी पूर्ण लॉकडाउन की चर्चाओं में लोग तथ्य भी दे रहे हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि देश के सभी राज्यों ने संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर सहमति जताई है। हालांकि केंद्र सरकार के लिए तथ्यों की जांच करने वाली पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इस तरह की चर्चाओं को संज्ञान लेकर इसकी पड़ताल की और अपने ट्वीटर हैंडल पर इन दावों के पीछे की सच्चाई के साथ शेयर भी किया है। इसमें कहा गया है कि इस तरह के दावें फर्जी हैं, सरकार की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।

देशव्यापी पूर्ण लॉकडाउन की अफवाहों के बीच लोग भयभीत हैं। तमाम लोग रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को एडवांस में खरीदकर संग्रह कर रहे हैं। अधिक मांग के चलते बाजार में सब्जियों से लेकर खाने-पीने की सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। असंगठित क्षेत्र के ज्यादातर कामगार पहले ही अपने गांवों को लौट चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार पूर्ण लॉकडाउन को आखिरी विकल्प मानती है। गत 20 अप्रैल को देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने इस ओर स्नेत करते हुए कहा था कि सरकार लॉकडाउन नहीं लगाना चाहती है। वर्तमान स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। पीएम मोदी ने राज्यों से भी अनुरोध किया था कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें।

इसी तरह केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वे पूरे राज्य में लॉकडाउन लगाने के बजाय जिलों में और जहां पर दूसरी लहर का असर ज्यादा है, वहां प्रतिबंधात्मक उपाय करें। यूपी की बात करें तो हालात बेहद खराब होने के बावजूद तीन दिन का वीकेंड लॉकडाउन है। इसके अलावा नाईट कर्फ्यू भी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button