‘काला गेहूं’ की पैदावार देख किसानों में बढ़ा उत्साह, जानें और क्या है इसके फायदे

किसान राजेश पटेल को काला गेंहू के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने काफी प्रयास कर लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के एक किसान से 20 किलोग्राम बीज 80 रुपये की दर से खरीदा।

मीरजापुर।। धान की पैदावार को लेकर पूरे पूर्वांचल में जिले के जमालपुर विकास खंड को धान का कटोरा कहा जाता है। लेकिन कुछ वर्षो से इस इलाके को गेहूं की पैदावार को लेकर मीनी पंजाब भी कहा जाने लगा है।

क्षेत्र के भभौरा गांव निवासी किसान राजेश पटेल ने जिस उम्मीद के साथ काला गेंहू की खेती की, वह उनकी उम्मीदों पर शत प्रतिशत खरा उतरा है। गेहूं कटाई मड़ाई के बाद 10 कुंतल प्रति बीघा की दर से उत्पादन हुआ है। इससे आसपास के अलावा दूसरे राज्यों के किसान भी पटेल को फोन करके बीज की मांग कर रहे हैं।

किसान राजेश पटेल को काला गेंहू के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने काफी प्रयास कर लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के एक किसान से 20 किलोग्राम बीज 80 रुपये की दर से खरीदा। इस बीज को 12 बिस्वा खेत में बोया था। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने जोखिम न लेने की सलाह दी, लेकिन राजेश पटेल ने जोखिम लिया। रासायनिक खाद और कीटनाशक के कम से कम प्रयोग कर उन्होंने फसल उगाई और चार बार सिंचाई की।

उन्होंने उत्पादन के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया तो लाइक और कमेंट की बाढ़ सी आ गई। उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखण्ड, प. बंगाल, मध्य प्रदेश से किसानों के फोन आ रहे हैं। पटेल ने बताया कि दो-तीन लोगों ने खाने के लिए, आधा दर्जन शुगर व हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित लोगों ने एक-एक कुंतल गेहूं की मांग की है। रविवार को नारायणपुर ब्लॉक के धनंजय सिंह, मो. हबीब ने एक कुंतल गेहूं की खरीदारी की है।

राजेश पटेल ने बताया कि हमारी प्राथमिकता स्थानीय इच्छुक किसानों को बीज मुहैया कराने की है, ताकि जिले के किसानों की आय बढ़े और लोग इसके आटे की रोटी खाकर अपनी इम्युनिटी में इजाफा करें।

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