शबनम को इस फांसीघर में दी जाएगी मौत की सजा, किया था ये जघन्य अपराध

लखनऊ। आजादी के सात दशकों तक भारत में किसी महिला को फांसी की सजा नहीं हुई। अब पहली बार एक महिला कैदी को फांसी पर लटकाया जाएगा। अमरोहा निवासिनी शबनम को मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के इकलौते महिला फांसीघर में मौत की सजा दी जाएगी। हालांकि फांसी की तारीख अभी तय नहीं है, फिर भी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।

स्वतंत्र भारत के इतिहास में शबनम पहली महिला कैदी होगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा। बताते चलें की शबनम ने दिल को दहला नेने वाला घोर अपराध किया था। उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अप्रैल 2008 में अपने ही परिवार के सात लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड पर अमरोहा से लेकर लखनऊ तक शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया था। लोग बिलखती शबनम को सांत्वना दे रहे थे। शबनम रट हुए कह रही थी कि लुटेरों ने उसके घर में घुसकर पूरे परिवार की हत्या कर दी। बाथरूम में होने के चलते वह बच गई।

पुलिस तफ्तीश में जो खुलाशा हुआ उसे सुनकर लोग दंग रह गए। शबनम ने पुलिस को बताया कि गांव के ही सलीम से वह प्रेम करती थी। सलीम के साथ मिलकर उसने अपने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और हत्या की रात दोनों ने धोखे से पूरे परिवार को खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया। सब के बेहोश होने के बाद एक-एक करके सभी को कुल्हाड़ी से मौत की नींद सुला दिया।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शबनम की फांसी की सजा बरकरार रखी थी। राष्ट्रपति ने भी उसकी दया याचिका खारिज कर दी है। इसलिए डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मथुरा जेल में यूपी का इकलौता फांसी घर है। आजादी के बाद पहली बार किसी महिला को फांसी की सजा हुई है। हालांकि फांसी की तारीख तय नहीं है, लेकिन इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक पवन जल्लाद दो बार फांसीघर का निरिक्षण कर चुका है।

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