सिसोदिया गए, अब केजरीवाल का इंतजार

उत्तराखंड की सियासत में सिसोदिया की गहरी दिलचस्पी

देहरादून॥ दिल्ली के डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसोदिया उत्तराखंड प्रवास पूरा करके लौट चुके हैं। अब उत्तराखंड आप नेताओं को अपने सुप्रीमो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इंतजार है। इन नेताओं को लगता है कि केजरीवाल के आने से राज्य की सियासत में बदलाव शुरू हो जाएगा। आप नेताओं की कोशिश है कि केजरीवाल को नए साल में जल्द से जल्द उत्तराखंड बुलाया जाए।

उत्तराखंड विधानसभा का इलेक्शन 2022 में होना है। आप इससे पहले 2014 के लोकसभा इलेक्शन में उत्तराखंड की पांचों सीटों पर इलेक्शन लड़ चुकी है। मगर उसे कामयाबी नहीं मिल पाई। हालांकि आप ने दमदार उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।लंबे-चौडे़ संसदीय क्षेत्र और कमजोर संगठनात्मक ढांचा होने की वजह से आप को निराशा हाथ लगी। अब आप विधानसभा इलेक्शन में बड़ी संभावनाएं देख रही है।

ऐसा पहली बार हुआ है, जब ऐन इलेक्शन से पहले उत्तराखंड से जुडे़ अहम विषयों पर मनीष सिसोदिया के तौर पर आप का कोई बड़ा नेता दिलचस्पी लेते हुए कूदा है। वैसे, कुछ समय पहले आप के नेता रहते हुए कुमार विश्वास ने भी उत्तराखंड में सक्रियता बढ़ाई थी, लेकिन उस वक्त इलेक्शन तैयारियों जैसी कोई बात नहीं थी।

मनीष सिसोदिया को उत्तराखंड में आगे करने के पीछे दो वजहों को साफ महसूस किया जा रहा है। एक- वह केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद हैं। दूसरा- दिल्ली की जिस पटपड़गंज सीट से वह विधायक हैं, वहां पर प्रवासी उत्तराखंडियों का बोलबाला है। उनके तमाम समर्थक प्रवासी उत्तराखंडी हैं। इसलिए आप के किसी अन्य नेता की तुलना में उन्हें उत्तराखंड की नब्ज की ज्यादा पहचान है। यही वजह है कि उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से कुछ सवालों पर जवाब मांगा है। सरकार के नंबर दो मंत्री मदन कौशिक के साथ उनकी जुबानी भिड़ंत इन दिनों तेज हुई है।

आप के स्थानीय कार्यकर्ता सिसोदिया के प्रवास से उत्साहित हैं। वह दावा कर रहे हैं कि भाजपा-कांग्रेस आप की दस्तक से हिल गए हैं। अब वह अरविंद केजरीवाल के प्रवास पर निगाहें लगाए हुए हैं। हालांकि अभी केजरीवाल के उत्तराखंड आने की कोई पक्की सूचना किसी के पास नहीं है। आप प्रवक्ता संजय भट्ट के अनुसार, पार्टी ने उत्तराखंड में ताल ठोंक दी है। इससे भाजपा और कांग्रेस की नींद उड़ गई है। केजरीवाल और आप के अन्य नेता जब उत्तराखंड दौरा करेंगे, तो पार्टी के पक्ष में माहौल बनेगा।

 

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