कृषि कानून को काला कानून बता सपा ने किसानों का किया समर्थन, यहां पर जमकर किया आंदोलन

भाजपा सरकार ने किसानों को अपने ही देश में बना दिया बेगाना

कृषि कानून का लोकतांत्रित तरीके से विरोध कर रहे किसानों पर सरकार ने बल व हिंसा का प्रयोग किया। जिसके विरोध में शनिवार को सपा व्यापार सभा ने हाथों में अनाज लेकर सत्याग्रह किया और किसानों की मांगों का समर्थन किया। सपा से जुड़े व्यापारियों ने मांग की कि किसानों के हितों को देखते हुए सरकार कृषि कानून यानी काला कानून को वापस ले।

समाजवादी पार्टी व्यापार सभा व उत्तर प्रदेश प्रान्तीय व्यापार मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में व्यापारियों ने हाथों में अनाज लेकर सत्याग्रह करते हुए भाजपा सरकार से किसानों पर हो रहे अत्याचार बंद करने की मांग की और कृषि कानून को काला कानून बताते हुए इसे वापस लेने की किसानों की मांग का समर्थन किया।

भल्ला चौराहे पर एकत्रित समाजवादी पार्टी से जुड़े व्यापारियों, दुकानदारों व उद्यमियों ने हाथों में अनाज लेकर अपना विरोध सत्याग्रह किया। नेतृत्व कर रहे सपा व्यापार सभा के प्रदेश महासचिव व प्रान्तीय व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार की कृषि विरोधी, व्यापारी विरोधी, मज़दूर विरोधी नीतियों के चलते देश का कृषक समुदाय, व्यापारी, मज़दूर, युवा सब भयंकर आक्रोश में हैं।

समाजवादी पार्टी ने प्रारम्भ से ही कृषि सम्बंधी तीनों कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए उनको तत्काल वापस लिए जाने की मांग की थी और आज भी साथ खड़ी है। कहा कि नोटबन्दी और जीएसटी की ही तरह कृषि बिल भी एक काला क़ानून है। व्यापारी समाज कंधे से कंधा मिलाकर कृषि समाज के साथ खड़ा है।

वरिष्ठ सपा नेता संजय बिस्वारी ने कहा की लगभग 70 प्रतिशत खेती किसानी पर भारत निर्भर है। फिर भी अपने ही देश में भाजपा ने किसानों को बेगाना बना दिया है। इस दौरान हरप्रीत भाटिया लवली, शुभ गुप्ता, मनोज चौरसिया, बॉबी सिंह, गुड्डू यादव, राम औतार उप्पल, आज़ाद खान, सोनू वर्मा, अरुण कुमार आदि मौजूद रहें।

 

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