कोरोना के साथ बाजार भी हुआ बेलगाम, जरुरी चीजों की कीमतों में जबरजस्त उछाल

लखनऊ। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते लगातार प्रकोप से लोग सहमे हुए हैं। ज्यादातर लोगों को संक्रमण और मौत से ज्यादा भुखमरी का भय सता रहा है। कोरोना संक्रमण को रकने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारें अक्षम साबित हो रही हैं। इस घोर आपदा में बाजार के खिलाड़ियों ने अवसर तलाश लिया है। पिछले तीन दिनों में जरुरी उपभोक्ता वस्तुओं के मूल्यों में जबरजस्त उछाल आया है। दुकानदार पैकेटबंद चीजों की भी ज्यादा कीमतें वसूल रहे हैं।

कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों के बीच बाजार भी बेलगाम हो चुका है। भय और आशंकाओं के बीच अचानक जरुरी चीजों के दाम बढ़ गए। राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और कानपूर में सरसो के तेल, आटा, बेसन, अरहर की दाल, चावल, घी, रिफायंड तेल, साबुन और शैंपू जैसे राजमर्रा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए गए हैं। पिछले तीन-चार दिनों में आलू और प्याज की कीमतों में भी दस रूपये प्रतिकिलो का इजाफा हुआ है।

दर-असल कोरोना के भय के माहौल में जमाखोरों और बिचौलियों ने अवसर तलाश लिया है। आवश्यक वस्तुओं की कमी का कृतिम माहौल पैदा कर लोगों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। लॉकडाउन की आशंका से सहमे लोग भी जरुरत से ज्यादा सामान खरीद कर घरों में रख रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा काम आय वाले लोगों पर पड़ रहा है।

कोरोना के साथ बेलगाम होती महगाई को लेकर विपक्षी कांग्रेस योगी सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। पिछले दिनों कांग्रेस ने ट्यूटर पर कहा था कि देश में कोरोना वायरस बेलगाम हो चुका है, टीके का अभाव है, किसान-मजदूर परेशान हैं, अर्थव्यवस्था चरमरा रही है, छोटे उद्योग- धंधे चौपट हो रहे हैं और सरकार की नीतियों के कारण समाज का हर तबका परेशानी में है। इस तरह के हालात प्रदेश में सुशासन की पोल खोल रहे हैं।

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