पूर्वांचल में गरजे टिकैत, कहा – खेत बचाने के लिए घरों से निकलें किसान

बलिया। नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन अब देश व्यापी हो चूका है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पूर्वांचल की धरती से केंद्र सरकार को ललकारा। बलिया में सिकंदरपुर के चेतन किशोर मैदान में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित किसान-मजदूर महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि 13 मार्च को वह बंगाल जाएंगे और किसानों से मिलेंगे। टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन की सबसे बड़ी लड़ाई अब बंगाल में लड़ी जाएगी।

राकेश टिकैत ने कहा कि इस सरकार में किसान बर्बाद हो चुका है। अगर यह नए कृषि कानून लागू हो गए और किसानों ने लड़ाई नहीं लड़ी तो वो अपने खेतों से हाथ धो बैठेंगे। सरकार किसानों को बर्बाद करने का षड़यंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में किसान आंदोलन की चर्चा है, लेकिन सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है।

केंद्र सरकार पर हमला करते हुए टिकैत ने कहा कि यह सरकार किसानों को बांटने का काम कर रही हैं। किसान आंदोलन को कभी पंजाब, हरियाणा तो कभी खालिस्तान का आंदोलन बताया गया। लेकिन आज किसान आंदोलन सबका आंदोलन बन गया है। इसीलिए हम टूटे नहीं। आज राजनीतिक पार्टियां भी किसान पंचायत का आयोजन कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो खेत में पैदा होगा उसे हर हाल में सरकार को खरीदना होगा।

यूपी के सीएम पर हमला करते हुए टिकैत ने कहा कि योगी जी ने कहा था कि एमएसपी पर खरीद होगी, मगर नहीं हुई। दुनिया के अधिकांश देश एमएसपी का कानून बना रहे हैं, जबकि यहां की सरकार एमएसपी पर कानून नहीं बना रही है। टिकैत ने पूर्वांचल के किसानों का आह्वान किया कि वे फसल की कटाई-मड़ाई कर करने के बाद ट्रैक्टर से दिल्ली कूच करें।

टिकैत ने कहा कि हमारी लड़ाई किसानों के आत्मसम्मान की लड़ाई है। अगर इस आंदोलन में किसान हारा तो देश का मजदूर व नौजवान भी हारेगा। उन्होंने कहा कि इस देश में बड़े उद्योगपति का गोदाम पहले बना और कानून बाद में बना। टिकैत ने कहा कि इन कानूनों से साप्ताहिक बाजार बंद हो जाएंगे और पूरे बाजार पर विदेशी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा।

टिकैत ने कहा कि बलिया वीरों की धरती है, जहां से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि पूरे देश में किसान आंदोलन तेज हो रहा है। उत्तर प्रदेश के बाद 13 मार्च को कोलकाता में हमारी सभा होनी है। पंचायत में जुटी भीड़ का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि एक गांव, एक ट्रैक्टर पन्द्रह आदमी और दस दिन चाहिए, कृषि कानून वापस हो जाएगा।

किसान-मजदूर महापंचायत में राष्ट्रीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी रामाशीष राय, विजय बहादुर सिंह, पुरूषोत्तम शर्मा, भीमनाथ राय, शिवनारायण यादव, अजीत कुमार राय, ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा व डा. मदन राय आदि मौजूद थे। महापंचायत की अध्यक्षता अजीत राय तथा संचालन श्रीराम चौधरी ने किया।

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