हनुमान जन्म स्थली को लेकर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने किया ये दावा …

डेस्क। देश में आस्था स्थलों को लेकर जारी तमाम विवादों के बीच अब भगवान् राम के भक्त हनुमान के जन्मस्थान को लेकर दो राज्यों के बीच विवाद शुरू हो गया है। इस नए विवाद की शुरुआत तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) उस दावे से हुई, जिसमे कहा गया है कि तिरुमला पहाड़ियों पर भगवान हनुमान का निवास स्थान है। इस सन्दर्भ में एक वे साक्ष्य आधारित पुस्तक जारी करेंगे। बताते चलें की अब तक लोग कर्नाटक के बेल्लारी के पास हंपी को ही किष्किंधा क्षेत्र’ या हनुमान जी के जन्म स्थान मानते आये हैं।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने गत दिनों घोषणा की थी कि भगवान हनुमान का जन्म तिरुमला की सात पवित्र पहाड़ियों में से एक में हुआ था। इसे सिद्ध करने के लिए एक पुस्तक का विमोचन आज हिंदू नववर्ष के अवसर पर हो रहा है। हालांकि अधिकांश पुरातत्वविदों और इतिहासकारों ने टीटीडी के दावे को खारिज कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि इस मामले में टीटीडी को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विद्वानों और धर्म प्रमुखों से विमर्श कर ही आगे कदम बढ़ाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि आस्था के अनुसार हंपी या विजयनगर राजवंश की पूर्ववर्ती राजधानी के आसपास का क्षेत्र किष्किंधा क्षेत्र है। कुछ पौराणिक इतिहासकारों का दावा है कि हंपी में पुरा-ऐतिहासिक काल की अनेक शिला कलाकृतियों में पूंछ वाले लोगों को चित्रित किया गया है। इसी तरह हंपी में और उसके आसपास 1000 से अधिक हनुमान मंदिर हैं। हनुमान जी से जुड़ी कृतियां भी हंपी क्षेत्र में ही हैं। तिरुमला में हनुमान जी के मंदिर व कलाकृतियां नहीं हैं।

इसी तरह रामायण में वर्णित किष्किंधा के सभी भौगोलिक क्षेत्रों को चिह्नित किया जा चुका है। उपलब्ध साक्ष्य, मौजूदा परंपराएं तथा लोक श्रुतियां भी पूर्ववर्ती विजयनगर राज्य, जिसे पहले पंपा क्षेत्र को ही हनुमान जी की जन्म स्थली साबित करती हैं।

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