इस राज्य में मानसूनी सीजन का आज आखिरी दिन, प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश का अलर्ट

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ममता यादव ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई 22 सितम्बर तय मानी जा रही थी। 22 सितंबर के बाद भी मानसून अब तक मध्य प्रदेश से विदा नहीं हुआ है।

भोपाल।। मध्य प्रदेश में मौसम का रंग हर पल बदला हुआ नजर आ रहा है। हल्की ठंड के साथ दिन में उमस बनी हुई है। वहीं रात के समय ठंड का एहसास हो रहा है। प्रदेश से अब तक मानसून की विदाई नहीं हुई है। भले ही मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले हफ्ते में तय मानी जा रही है, लेकिन 30 सितम्बर को मानसूनी सीजन का आखिरी दिन है। मानसूनी सीजन के आखिरी दिन भी प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम विभाग ने हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इसको लेकर कुछ इलाकों में अलर्ट भी जारी किया गया है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ममता यादव ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई 22 सितम्बर तय मानी जा रही थी। 22 सितंबर के बाद भी मानसून अब तक मध्य प्रदेश से विदा नहीं हुआ है। अब अक्टूबर के पहले हफ्ते यानी 5 अक्टूबर तक प्रदेश भर से मानसून की विदाई मानी जा रही है तो वहीं जाते-जाते मॉनसून प्रदेश भर के कुछ जिलों को तरबतर कर रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी होशंगाबाद और जबलपुर संभागों के जिलों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है। वहीं जबलपुर इंदौर होशंगाबाद भोपाल संभाग के जिलों में और दमोह सागर आगर देवास शाजापुर रतलाम उज्जैन जिला में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

हल्की ठंडक होने से तापमान में गिरावट–

प्रदेश भर में बीते एक हफ्ते पहले तक उमस बनी होने से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा था। वहीं अब मौसम में हल्की ठंडक घुलने के साथ ही तापमान में गिरावट हो रही है। तो वहीं लोगों को गर्मी से हल्की राहत भी मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि गुजरात में बने चक्रवात के कारण हल्के हल्के बादल छाए रहेंगे। यही वजह है कि दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है तो वहीं रात को लोगों को हल्की हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।

तय समय से पहले मानसून ने दी थी दस्तक–

मध्य प्रदेश में इस साल मानसून ने तय समय से एक दिन पहले दस्तक दी थी, तो वहीं राजधानी भोपाल में तय दिन से एक दिन पहले यानी 16 जून को मानसून पहुंचा था। मानसून आने के 107 दिन में 53.82 इंच बारिश हुई है, जो कि सामान्य से 10 इंच से भी ज्यादा है। जुलाई में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। वहीं जून अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश होने से प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो गया है।

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