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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 2026 का शुभारंभ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ हुआ। पहले दिन विपक्ष के शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने करीब 30 मिनट का अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान सपा के सदस्य विधान सभा अध्यक्ष के आसन के सामने “राज्यपाल वापस जाओ” के नारे लगाते रहे। बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।

मुख्यमंत्री योगी का संदेश
सत्र प्रारंभ होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसका संचालन संवाद के माध्यम से होना चाहिए, न कि कार्यवाही बाधित करके। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार संवाद से समस्या के समाधान पर विश्वास करती है। बजट सत्र में हर मुद्दे पर चर्चा और सुझावों को स्वीकार किया जाएगा, लेकिन कार्यवाही बाधित न हो।”

दो महत्वपूर्ण एजेंडा: राज्यपाल अभिभाषण और बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट सत्र के मुख्य एजेंडे में राज्यपाल का अभिभाषण और सामान्य बजट शामिल हैं। इसके अलावा, इस बार पहली बार उत्तर प्रदेश अपना आर्थिक सर्वेक्षण विधानमंडल में प्रस्तुत करेगा। योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि यह कदम प्रदेश के विकास को और तेज करेगा।

बीमारू से ब्रेक थ्रू स्टेट तक
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश ने 'बीमारू' राज्य की स्थिति से निकलकर ब्रेक थ्रू स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। उनका मानना है कि बजट सत्र प्रदेश के विकास की गति को और बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।